प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के 80वें वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं से बड़े सपने देखने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि युवा शक्ति की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और उनके विचारों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार संसाधनों तथा सहयोग की कोई कमी नहीं होने देगी।
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ के निर्माण की यात्रा में युवाओं को केंद्रीय धुरी बताया। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में देश की युवा पीढ़ी न केवल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, बल्कि विकसित राष्ट्र के सकारात्मक परिणामों की सबसे बड़ी लाभार्थी भी वही होगी।
देश में तेजी से विकसित हो रहे उद्यमिता परिवेश की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ अभियान के माध्यम से अब तक 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं। आज के युवा उद्यमी न केवल अपने लिए आजीविका सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि बड़ी संख्या में अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
युवाओं की रचनात्मकता और क्षमताओं को संबल देने के लिए प्रधानमंत्री ने सरकार के एक लाख करोड़ रुपये के नवाचार कोष (इनोवेशन फंड) का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने नए विचारों और योजनाओं के साथ आगे आएं; सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में धन या संसाधनों की कोई बाधा न आए।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और किफायती इंटरनेट सेवाओं के विस्तार को युवाओं की प्रगति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि दुनिया का सबसे सस्ता डेटा आज भारत में उपलब्ध है, जिसने देश के नौजवानों को नई तकनीकी ताकत और व्यापक अवसर प्रदान किए हैं।