दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस ऐतिहासिक मौके पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्राचीर से पहली बार इसका औपचारिक सामूहिक गायन किया गया।
समारोह में भाग लेने पहुंचे प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। इसके उपरांत रक्षा सचिव ने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराया। जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल ने उन्हें ‘जनरल सैल्यूट’ दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का मुआयना किया।
सलामी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री का सहयोग किया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के जांबाज गनर्स द्वारा 21 तोपों की पारंपरिक सलामी दी गई। स्वदेशी तकनीक से निर्मित 105 मिमी लाइट फील्ड गन वाली इस विशेष बैटरी का नेतृत्व मेजर पवन सिंह शेखावत ने किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लालकिले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि जब देश इस राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष मना रहा है, तब इससे अधिक उत्कृष्ट अवसर कोई अन्य नहीं हो सकता। इस ऐतिहासिक क्षण को चिह्नित करने के लिए वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने आसमान में ‘वंदे मातरम’ का ध्वज लेकर उड़ान भरी।
प्राचीर के सामने स्थित ज्ञानपथ पर थल सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों तथा ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत 2,500 युवक-युवतियों ने मिलकर ‘वंदे मातरम’ की भव्य मानवाकृति का निर्माण किया। इसके अतिरिक्त, ज्ञानपथ पर ‘विकसित भारत @2047’ की थीम को रेखांकित करने वाले विशेष दृश्य अवरोधक भी प्रदर्शित किए गए।