मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध, फर्जी बैंक खातों और डिजिटल धोखाधड़ी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीहोर तथा कटनी जिलों में दो अलग-अलग अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश किया है। पुलिस टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों मामलों में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
सीहोर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने ‘एफएक्स ट्रेड’ (FX Trade) नामक फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन के माध्यम से निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देने वाले एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने मामले की छानबीन करते हुए इस संगठित गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को पकड़ा है।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सतीश मेवाड़ा सीहोर की शीतल विहार कॉलोनी में पिछले छह महीनों से यह फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। यहां रखे गए छह कर्मचारी आम लोगों को शेयर बाजार और ट्रेडिंग में कम समय में अत्यधिक लाभ का प्रलोभन देकर राशि निवेश करवाते थे। प्राथमिक जांच में अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश का पता चला है।
ठगी की रकम के लेन-देन के लिए गिरोह ‘म्यूल अकाउंट्स’ का उपयोग करता था। आरोपियों द्वारा लोन दिलाने का झांसा देकर सीधे-सादे लोगों से उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और लिंक्ड सिम कार्ड ले लिए जाते थे, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी की राशि मंगाने और एटीएम से नकदी निकालने में किया जाता था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की जांच में इन खातों से जुड़े कई राज्यों के मामले सामने आए हैं। मौके से 5 कंप्यूटर सिस्टम, 1 लैपटॉप, 5 कीपैड फोन, 5 स्मार्टफोन, पासबुक, चेकबुक और आईडी कार्ड बरामद किए गए हैं।
दूसरे मामले में कटनी के बाकल थाना पुलिस ने मोबाइल फोन चुराकर खातों से रकम उड़ाने वाले झारखंड के तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित का मोबाइल बाकल बाजार से चोरी होने के बाद आरोपियों ने उसके बचत और केसीसी (KCC) खातों से अलग-अलग तिथियों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की अवैध निकासी की थी।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिना स्क्रीन लॉक या आसानी से खुलने वाले फोन चुराते थे और नया यूपीआई पिन बनाकर राशि अन्य खातों में भेज देते थे। आरोपियों ने 14 मोबाइल चोरी करने की बात कबूल की है और गिरोह के तार कटनी, जबलपुर, सिहोरा सहित उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भी जुड़े पाए गए हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे कमीशन, लोन या नौकरी के प्रलोभन में आकर अपनी बैंक पासबुक, एटीएम, चेकबुक अथवा लिंक्ड सिम किसी को न दें। अनजान लिंक, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर मिलने वाले ट्रेडिंग ऐप से बचें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।