भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के शीर्ष संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को निजी क्षेत्र के अग्रणी संस्थान एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.99 प्रतिशत तक करने की औपचारिक अनुमति दे दी है। इस नियामकीय स्वीकृति के सामने आते ही गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में दोनों वित्तीय संस्थानों के शेयरों में मजबूती दर्ज की गई।
एचडीएफसी बैंक द्वारा शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने एलआईसी को बैंक की चुकता शेयर पूंजी अथवा मतदान अधिकारों में अधिकतम 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी हासिल करने की स्वीकृति दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, 14 अगस्त तक एचडीएफसी बैंक की कुल पूंजी में एलआईसी की हिस्सेदारी 4.11 प्रतिशत दर्ज थी। रिजर्व बैंक के इस ताजा फैसले के बाद अब एलआईसी के पास निजी बैंक में अपनी शेयरधारिता के विस्तार के लिए पर्याप्त गुंजाइश उपलब्ध हो गई है।
हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस मंजूरी का यह अर्थ कतई नहीं है कि एलआईसी तत्काल अपनी हिस्सेदारी को 9.99 प्रतिशत तक बढ़ा लेगी। निवेश में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी आरबीआई द्वारा तय की गई शर्तों, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों और अन्य लागू वैधानिक प्रावधानों के दायरे में ही की जाएगी।
बाजार में इस घोषणा का सीधा सकारात्मक असर दिखा। गुरुवार के शुरुआती कारोबारी सत्र में एलआईसी का शेयर करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 417.40 रुपये पर पहुंच गया; पिछले एक वर्ष में इसका 52 हफ्तों का उच्च स्तर 468.30 रुपये और निचला स्तर 361 रुपये रहा है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का शेयर भी 1.09 प्रतिशत चढ़कर 728 रुपये पर कारोबार करता देखा गया, जिसका 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 1,020.35 रुपये तथा निचला स्तर 715.05 रुपये रहा है।