भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं और उनका संदेश सौंपा।
क्रेमलिन द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा भारत और रूस के बीच दशकों से कायम गहरे रिश्तों को प्रदर्शित करता है। दोनों देश प्रशासनिक स्तर, संसदों के आपसी संपर्क और आर्थिक साझेदारी सहित लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
द्विपक्षीय व्यापार में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष की हल्की गिरावट के बाद इस साल आपसी ट्रेड टर्नओवर में उत्साहजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने इसका मुख्य श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाई देने में उनका व्यक्तिगत ध्यान और प्रयास बेहद महत्वपूर्ण रहा है। पुतिन ने उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच पर जल्द ही उनकी प्रधानमंत्री मोदी से सीधी मुलाकात होगी।
वार्ता के दौरान आवश्यक आपूर्ति और रणनीतिक क्षेत्रों पर भी विस्तार से बात हुई। राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र के हित में रूस उर्वरक की आपूर्ति बढ़ा रहा है और भविष्य में भी इसे जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही परमाणु ऊर्जा और उच्च-तकनीकी (हाई-टेक) क्षेत्रों में आपसी सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और उर्वरक जैसे अहम मुद्दों पर बेहद सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी आगामी एससीओ और ब्रिक्स सम्मेलनों के दौरान राष्ट्रपति पुतिन के साथ चर्चा को लेकर उत्सुक हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव, राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव, रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार तथा दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।