अमेठी में निर्मित स्वदेशी एके-203 ‘शेर’ राइफल सेना को सौंपने की तैयारी, तय समय से एक साल पहले पूरा होगा लक्ष्य

अमेठी में निर्मित स्वदेशी एके-203 ‘शेर’ राइफल सेना को सौंपने की तैयारी, तय समय से एक साल पहले पूरा होगा लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के अमेठी में तैयार की जा रही आधुनिक स्वदेशी असॉल्ट राइफल एके-203 ‘शेर’ की खेप जल्द ही भारतीय सेना को सौंपी जाएगी। इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मेजर जनरल सुधीश कुमार शर्मा ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में यह जानकारी दी।

मेजर जनरल शर्मा के अनुसार, मुंशीगंज स्थित आयुध निर्माण फैक्ट्री में इस स्वदेशी राइफल का उत्पादन देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीमा पर जवानों की मारक क्षमता को सशक्त करने वाली यह आधुनिक राइफल भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाएगी।

परियोजना की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 के आसपास रक्षा मंत्रालय और भारतीय सेना ने रूसी तकनीक के सहयोग से देश में ही एके-203 राइफलों के निर्माण का निर्णय लिया था, जिसके उपरांत औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।

उत्पादन समयसीमा के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्रालय के विश्वास के अनुरूप निर्माण कार्य योजनाबद्ध गति से चल रहा है। कंपनी के बोर्ड, शेयरधारकों और सभी हितधारकों के समन्वय से यह प्रयास किया जा रहा है कि अनुबंध में निर्धारित वर्ष 2032 की अंतिम तिथि से एक वर्ष पूर्व ही पूरी आपूर्ति सेना को सौंप दी जाए।

इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (आईआरआरपीएल) अमेठी के कोरवा में स्थित एक उन्नत राइफल निर्माण इकाई है। यह उपक्रम भारत के डीपीएसयू तथा रूस की ‘कंसर्न कलाश्निकोव’ और ‘रोसोबोरोनएक्सपोर्ट’ का संयुक्त उद्यम है, जिसके तहत 6 लाख से अधिक एके-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण किया जाना है।

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