नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के मद्देनजर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की है। केंद्र ने संभावित खतरे को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में स्थानीय प्रशासन, राहत दलों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को हाई अलर्ट पर रखा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी बचाव एजेंसियों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के परामर्श और प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के निकट अचानक आई बाढ़ अथवा ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (ग्लोफ) के कारण भारतीय सीमा से लगभग 160 किलोमीटर दूर फुरके खोला में त्रिशूली नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया। इस बहाव का असर भारत में गंडक नदी के निचले मैदानी इलाकों पर पड़ने की आशंका को देखते हुए नदी तटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
बाढ़ के संभावित खतरे से निपटने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए हैं। दोनों राज्यों के प्रशासनिक अमले को सतर्कता बरतने और जमीनी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र में गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी विदेश मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम की चौबीसों घंटे संयुक्त निगरानी कर रहे हैं। सीडब्ल्यूसी के अनुसार, नेपाल की ओर जलाशयों में जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति नियंत्रण में है, इसलिए आमजन को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस बीच, नेपाल के प्रभावित इलाकों में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं। विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों तथा उनके परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सहायता के लिए दूतावास के हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क किया जा सकता है।