दिल्ली-एनसीआर के खुदरा बाजारों में प्याज के दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बृहस्पतिवार से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बिक्री की शुरुआत कर दी है। सरकारी एजेंसियों के माध्यम से वर्तमान में यह सस्ता प्याज क्षेत्र के 13 चुनिंदा स्थानों पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी पहुंच बढ़ाते हुए जल्द ही बिक्री केंद्रों की कुल संख्या लगभग 40 की जाएगी।
उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने बृहस्पतिवार को कृषि भवन परिसर से राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) की सचल वैनों (मोबाइल वैन) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले दिन कृषि भवन परिसर में ही करीब 400 किलोग्राम प्याज की बिक्री दर्ज की गई।
बाजार की स्थिति पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि देश में प्याज के उत्पादन और उपलब्धता की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि आगामी त्योहारी सीजन के कारण मांग में अचानक इजाफा हुआ है, जिससे कीमतों में अस्थायी उछाल देखा जा रहा है। सरकार इस स्थिति से निपटने और दरों को नियंत्रित रखने के लिए बाजार में निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने सहित कई आवश्यक कदम उठा रही है।
राजधानी में प्याज की आवक तेज करने के उद्देश्य से नासिक से चली पहली विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ नई दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुकी है। इस मालगाड़ी के माध्यम से प्याज का बड़ा स्टॉक दिल्ली लाया गया है, जिसे रियायती दरों पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार आगामी दिनों में ऐसी और ट्रेनें दिल्ली पहुंचेंगी।
उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत सुरक्षित रखे गए बफर स्टॉक से कुल 840 टन प्याज दिल्ली भेजने की मंजूरी दी गई है। इसमें से लगभग 450 टन की पहली खेप ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए राजधानी पहुंच चुकी है। लासलगांव के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे ने बताया कि ट्रेन को बिना किसी विलंब के गंतव्य तक पहुंचाया गया, ताकि दिल्ली के उपभोक्ताओं को समय पर सस्ती दरों का लाभ मिल सके। सरकार को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त आपूर्ति और रियायती बिक्री से त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।