राष्ट्र निर्माण में जनसहभागिता को आधारशिला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें प्रसारण में देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत नागरिकों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, कृषकों और स्वच्छता कर्मियों के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए समाज के हर वर्ग को नशामुक्ति, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के संकल्प से जुड़ने का संदेश दिया।
युवाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री के ‘भारत राज्य’ वेब पोर्टल की प्रशंसा की, जिसके माध्यम से इतिहास को तकनीकी रूप से सुलभ बनाया गया है। वहीं समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को गति देने पर बल दिया। उन्होंने संगीतकारों, थिएटर समूहों और कंटेंट क्रिएटर्स से रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जनचेतना जगाने का आग्रह किया।
देशभक्ति की भावना के प्रसार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक सेल्फी दर्ज होने और फिजी के सुवा से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक तिरंगे की यात्रा की जानकारी दी। महिला स्वावलंबन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना की 46 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं, जिनकी संख्या करीब 35 लाख है। इसमें गाजियाबाद की बबीता शर्मा और बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा के कारोबार विस्तार का विशेष उल्लेख रहा। इसके अलावा, रामपुर के पटवाई गांव में आकाश और रोहन की स्वच्छता टीम तथा अमरनाथ यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा निस्तारण और बायोगैस के प्रयोग को जनभागीदारी की मिसाल बताया गया।
जमीनी स्तर पर आजीविका और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को उजागर करते हुए प्रधानमंत्री ने नागालैंड की वेसालु पुरो की दिल्ली-मुंबई तक पहुंची फूलों की खेती और ओडिशा के देबरीगढ़ में मैथिली भुए द्वारा 60 से ज्यादा महिलाओं को वन संरक्षण से जोड़ने की कहानी साझा की। इसके साथ ही, दक्षिण भारत के किसानों द्वारा एवोकाडो की खेती के सफल प्रयोगों और ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय से संचालित ‘मिशन शक्तिSAT’ के द्वितीय चरण का उल्लेख किया गया, जिसके तहत 108 देशों की 12 हजार छात्राएं चंद्र कक्षा के लिए उपग्रह तैयार करने में योगदान दे रही हैं।
सिनेमा जगत के महानायक उत्तम कुमार की जन्म-शताब्दी का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने फिल्म ‘नायक’ और उनके प्रेरणादायक जीवन संघर्ष को याद किया। आगामी त्योहारों के दृष्टिगत उन्होंने सभी नागरिकों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से स्थानीय कारीगरों के समर्थन में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को व्यापक रूप से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए और नागरिकों को अपने आसपास हो रहे सकारात्मक बदलावों को आगे लाते रहना चाहिए।