लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मंगलवार को एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, रखरखाव और सड़क सुरक्षा की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में बारिश के बाद सड़कों की स्थिति और नई सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर मुख्य रूप से मंथन किया गया।
बैठक में मंत्री ने राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं—भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे तथा उज्जैन-झालावाड़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे—की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कर धरातल पर काम शुरू किया जाए। इसके साथ ही, जबलपुर रिंग रोड परियोजना के चार पैकेजों को दिसंबर 2026 तक तथा पांचवें पैकेज को जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
यातायात और जनसुविधाओं से जुड़े मामलों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मंत्री ने शहपुरा (भिटौनी) टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली अस्थाई रूप से रोकने का आदेश दिया। दरअसल, भोपाल-जबलपुर मार्ग स्थित शाहपुर रेलवे ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद से रूट डायवर्जन लागू है, जिससे स्थानीय लोगों में टोल टैक्स को लेकर गहरा रोष था।
राजमार्गों के रखरखाव पर एनएचएआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म मेंटेनेंस अनुबंधों के जरिए प्रभावित मार्गों की मरम्मत कराई जा रही है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश से टूटी सड़कों और जबलपुर-दमोह मार्ग की मरम्मत में कोई लापरवाही न बरती जाए।
उज्जैन-गरोठ मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री राकेश सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पक्षों पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास केवल नई सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण की उच्च गुणवत्ता, तय समय-सीमा, नियमित संधारण और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।