एससीओ सम्मेलन: बिश्केक में साथ दिखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

एससीओ सम्मेलन: बिश्केक में साथ दिखे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान एक-दूसरे का अभिवादन किया और आयोजन स्थल की ओर बढ़ते हुए परस्पर वार्ता की।

शिखर सम्मेलन के औपचारिक सत्र से पूर्व दोनों नेताओं ने अन्य प्रतिभागी राष्ट्राध्यक्षों के साथ संयुक्त फोटो सत्र में भाग लिया। इसके तत्काल बाद मुख्य कार्यक्रम स्थल की ओर जाते समय दोनों नेता साथ-साथ चले, हाथ मिलाया और उनके मध्य संक्षिप्त अनौपचारिक बातचीत देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि दोनों नेताओं के बीच पिछली भेंट अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ सम्मेलन के दौरान दर्ज की गई थी।

सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बिश्केक में व्यस्त राजनयिक दिनचर्या के तहत कई अहम बैठकें कीं। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर झापारोव तथा आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान के साथ अलग-अलग चर्चा की, जिसमें आपसी सहयोग के साथ सामयिक अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर बात हुई। इसी दिन प्रधानमंत्री ने ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शिरकत की और वहां हिस्सा ले रहे भारतीय एथलीटों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

उज्बेकिस्तान का आधिकारिक दौरा समाप्त कर प्रधानमंत्री रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे थे, जहां भारतीय समुदाय ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ उनका भव्य स्वागत किया था। इस दो दिवसीय दौरे की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा था कि भारत 2017 से इस मंच का जिम्मेदार सदस्य रहा है। उन्होंने क्षेत्र को आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त करने के साथ ही ‘सुरक्षा, संपर्क और अवसर’ की अवधारणा पर बल देने की आवश्यकता जताई थी।

वर्तमान में 10 सदस्यीय एससीओ समूह में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान मुख्य सदस्य हैं। संगठन में अजरबैजान और आर्मेनिया बतौर पर्यवेक्षक जुड़े हैं, जबकि तुर्किये, तुर्की, सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, मिस्र, कंबोडिया, लाओस, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, आर्मेनिया और अजरबैजान डायलॉग पार्टनर हैं। भारत इस संगठन के जरिए मध्य एशिया के साथ अपने सुरक्षा, संपर्क और कूटनीतिक संबंधों को व्यापक विस्तार देने पर निरंतर कार्य कर रहा है।

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