मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार स्तंभ, बीएलओ आयोग और जनता के बीच की पहली कड़ी: मुख्य चुनाव आयुक्त

मतदाता सूची लोकतंत्र का आधार स्तंभ, बीएलओ आयोग और जनता के बीच की पहली कड़ी: मुख्य चुनाव आयुक्त

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने आज गोवा में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम के तहत राज्य भर से पहुंचे 1,000 से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से सीधा संवाद किया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में मतदाता सूची के निर्माण से लेकर मतदान संपन्न कराने तक की समूची व्यवस्था संविधान, विधिक प्रावधानों और निर्वाचन आयोग के औपचारिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित की जाती है।

श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन तंत्र में बीएलओ के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें चुनाव आयोग और आम नागरिकों के मध्य प्रत्यक्ष संपर्क का पहला माध्यम करार दिया। इसके साथ ही, उन्होंने गोवा में पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने तथा उसकी शुद्धता बनाए रखने में स्थानीय बीएलओ के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखने के साथ-साथ संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया की समानांतर जांच (समवर्ती ऑडिट) भी सुनिश्चित की जाती है। यह निगरानी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) सहित प्रत्याशियों के मतदान और मतगणना एजेंटों के माध्यम से पूरी की जाती है।

इस आयोजन के दौरान दोनों पक्षों के दायित्वों को स्पष्ट करने के लिए लघु वीडियो भी जारी किए गए, जिनमें कोंकणी भाषा में बीएलओ तथा अंग्रेजी भाषा में बीएलए की भूमिकाओं को समझाया गया है। कार्यक्रम में गोवा की समृद्ध परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करने वाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। अंत में, एक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित बीएलओ ने सीधे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष अपने प्रश्न रखे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

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