शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने देशभर के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। इस राष्ट्रीय आयोजन में मध्य प्रदेश के शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छह शिक्षकों और शिक्षाविदों को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।
राज्य के शिक्षकों को मिली इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों का सम्मानित होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार नहीं करते, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। इन शिक्षकों के नवाचार और समर्पण ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ी है, जो अन्य शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने तथा शिक्षकों को नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
सम्मानित शिक्षकों में शालेय शिक्षा के क्षेत्र से डॉ. अर्चना शुक्ला, श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह और सुश्री संगीता यादव शामिल हैं। विज्ञान एवं जीव विज्ञान की शिक्षिका डॉ. अर्चना शुक्ला विगत 15 वर्षों से प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 1,000 से अधिक स्पैरो हाउस की स्थापना, पेड़ों की क्यूआर कोड से डिजिटल मैपिंग और ‘प्लांट इमोशन’ जैसी कम लागत वाली परियोजनाएं संचालित की हैं। वहीं, अंग्रेजी शिक्षक व प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सीमित संसाधनों के बीच जनभागीदारी से विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 69 से बढ़ाकर 202 और उपस्थिति 44 प्रतिशत से 96 प्रतिशत तक पहुंचाई। उन्होंने बाल विवाह रोकने, स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को वापस जोड़ने और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं। प्रधान शिक्षिका सुश्री संगीता यादव ने ‘गणितोत्सव’, ‘मैथेमाइंड’, ‘क्वेस्ट फॉर मैथमेटिक्स’ और ‘बैगलेस मैथमेटिक्स डे’ के माध्यम से गणित को प्रयोगधर्मी बनाया और शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता व तकनीक का सफल उपयोग किया।
उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में प्रो. सौरव दत्ता, श्रीमती रीना गुप्ता और श्रीमती ज्योतिबाला राठौर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। आईआईएसईआर भोपाल के पादप जीवविज्ञानी प्रो. सौरव दत्ता को शिक्षण में शोधपरक सोच और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल पौधों के विकास पर शोध के लिए सम्मानित किया गया; वे पूर्व में दो बार संस्थान के विशिष्ट शिक्षक सम्मान से भी नवाजे जा चुके हैं। शासकीय संभागीय आईटीआई उज्जैन की प्रशिक्षण अधिकारी श्रीमती रीना गुप्ता पिछले 16 वर्षों से दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित प्रशिक्षुओं को कोपा (कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट) ट्रेड में डिजिटल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं। वहीं, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (महिला) इंदौर की प्रशिक्षण अधिकारी श्रीमती ज्योतिबाला राठौर को 19 वर्ष के शिक्षण व 6 वर्ष के औद्योगिक अनुभव के साथ प्रशिक्षुओं को उत्कृष्ट मार्गदर्शन और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पुरस्कृत किया गया।
प्रदेश के इन छह शिक्षकों का सम्मान मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक व गर्व का क्षण है।