एसआरसीसी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने की मेट्रो यात्रा, सह-यात्रियों और बच्चों से संवाद का वीडियो साझा किया

एसआरसीसी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने की मेट्रो यात्रा, सह-यात्रियों और बच्चों से संवाद का वीडियो साझा किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम दिल्ली मेट्रो में सफर के दौरान आम नागरिकों और बच्चों से हुई अपनी बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। यह यात्रा उन्होंने श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह में शामिल होने और वहां से वापस लौटने के दौरान की थी।

वीडियो साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि ये यादगार पल एसआरसीसी के कार्यक्रम में आने-जाने के क्रम में साथी यात्रियों से हुए संवाद के हैं। वीडियो फुटेज में प्रधानमंत्री कोच के भीतर मौजूद नागरिकों, विशेषकर छोटे बच्चों के साथ आत्मीयता से मुखातिब होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बच्चों से हाथ मिलाया, उनके नाम तथा गंतव्य की जानकारी ली और उनसे जन्माष्टमी का त्योहार मनाने को लेकर सवाल किया, जिस पर बच्चों ने सामूहिक रूप से हामी भरी।

सफर के दौरान प्रधानमंत्री ने कुछ बच्चों को अपने पास बैठाया। इस बीच एक छात्र ने 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस का प्रसंग उठाते हुए कहा कि पूर्व में डॉ. एस. राधाकृष्णन ने अनेक विद्यार्थियों को प्रेरित किया था और वर्तमान में प्रधानमंत्री पूरे भारत को प्रेरित कर रहे हैं, जिसके लिए उसने उनका आभार व्यक्त किया। वहीं, एक अन्य बच्चे ने “गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः…” श्लोक का पाठ कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। यात्रा के दौरान एक नन्हे बच्चे ने उनसे कहा कि वह उनके जैसा बनना चाहता है, जिस पर प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए पूछा, “सचमुच में।”

मेट्रो कोच में यात्रा कर रहीं महिलाओं से भी प्रधानमंत्री ने बातचीत की और उनके बच्चों को स्नेह दिया। इसी क्रम में चंदौली निवासी एक महिला से चर्चा करते हुए उन्होंने स्वयं को निकटवर्ती क्षेत्र काशी का बताया। महिला ने जब अवगत कराया कि उनका मायका काशी है, तो प्रधानमंत्री ने शहर की मौजूदा स्थिति के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि काशी में विकास कार्य बेहद तेज गति से हुए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा वहां के नागरिकों की प्रसन्नता और कामकाज के संबंध में पूछे जाने पर महिला ने सकारात्मक उत्तर दिया।

इसके उपरांत प्रधानमंत्री ने कुछ विद्यार्थियों से उनकी अध्ययन आदतों को लेकर चर्चा की। विद्यार्थियों द्वारा शैक्षणिक पुस्तकों और उपन्यासों (नॉवेल) को पढ़ने की बात कहे जाने पर प्रधानमंत्री ने उन्हें उपयोगी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है, परंतु इसके साथ ही विद्यार्थियों को जीवनियों और आत्मकथाओं (बायोग्राफी व ऑटोबायोग्राफी) के अध्ययन पर भी ध्यान देना चाहिए।

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