रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर के साथ उच्च स्तरीय वार्ता की। क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने रविवार तड़के इस मुलाकात की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच बेहद गहन, सकारात्मक और खुली बातचीत हुई है।
यह बैठक कुल 3 घंटे 10 मिनट तक चली, जिसमें पहले कार्य-स्तर पर गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श हुआ और बाद में रात्रिभोज के दौरान अनौपचारिक संवाद का क्रम चला। क्रेमलिन के अनुसार, पूरी चर्चा काफी सामयिक और दोनों देशों के हितों के अनुरूप उपयोगी साबित हुई।
बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने दोहराया कि रूस यूक्रेन विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक हल निकालने के लिए अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से काम जारी रखने को तैयार है। उशाकोव ने बताया कि रूसी नेतृत्व ने अमेरिकी प्रतिनिधियों के समक्ष विशेष सैन्य अभियान से जुड़े मौजूदा हालात का स्पष्ट आकलन पेश किया। रूसी सेना की जमीनी प्रगति को रेखांकित करते हुए भरोसा जताया गया कि तय किए गए उद्देश्यों को अवश्य हासिल किया जाएगा, साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि संकट के मूल कारणों को समाप्त करना अनिवार्य है।
यह बैठक केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें आर्थिक मुद्दों और दोनों देशों के बीच संभावित बड़े पारस्परिक लाभकारी प्रोजेक्ट्स पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया। वार्ता के बाद यह तय हुआ कि दोनों मुल्कों के राष्ट्रपतियों के बीच सीधा संपर्क बना रहेगा और विटकोफ तथा कुशनर के माध्यम से यह संवाद आगे भी जारी रहेगा।
उशाकोव के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधियों ने भरोसा दिया कि वे अगले दिन कीव में अपनी बैठकों के दौरान यूक्रेन संकट के स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान को लेकर राष्ट्रपति पुतिन के दृष्टिकोण और तथ्यों से वहां के नेतृत्व को अवगत कराएंगे।
इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शनिवार को जानकारी दी थी कि अमेरिकी वार्ताकारों के साथ इस बैठक की तैयारियों के मद्देनजर राष्ट्रपति पुतिन ने कीव पर होने वाले हमलों को तीन दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया था। पेसकोव ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया था कि पुतिन के साथ बैठकों का लंबा खिंचना स्वाभाविक है, इसलिए किसी भी शांति प्रस्ताव को लेकर कयासबाजी करने से बचना चाहिए और बातचीत के आधिकारिक परिणामों की प्रतीक्षा करनी चाहिए।