यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को ग्रीनलैंड दौरे के दौरान 20 करोड़ यूरो के एक बड़े निवेश पैकेज की घोषणा की, जिसका प्राथमिक लक्ष्य यूरोपीय संघ (ईयू) और ग्रीनलैंड के मध्य द्विपक्षीय सहयोग को अधिक प्रगाढ़ करना है।
नुउक यात्रा के दौरान वॉन डेर लेयेन, ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नीलसन और डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने एक साझा घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। इस त्रिपक्षीय पहल का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ, ग्रीनलैंड और डेनमार्क के आपसी संबंधों को नई दिशा और मजबूती प्रदान करना है।
यूरोपीय आयोग के अनुसार, यह वित्तीय मदद ‘ग्लोबल गेटवे पार्टनरशिप पैकेज’ के अंतर्गत वर्ष 2026 और 2027 में ग्रीनलैंड में निवेश के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। समझौते के उपरांत वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह कदम ग्रीनलैंड की यूरोपीय संघ के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की स्पष्ट इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोप ग्रीनलैंड समेत समूचे आर्कटिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी का विस्तार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
साझा घोषणा और निवेश पैकेज के तहत कई प्रमुख क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। इसके तहत शिक्षा प्रणाली और मत्स्य उद्योग के विकास के साथ-साथ सैटेलाइट और केबल कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जाएगा। इसके अलावा हाइड्रोपावर (जलविद्युत) और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल रॉ मैटेरियल्स) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना भी इस योजना का मुख्य हिस्सा है। साथ ही, बेहतर आवास सुविधाओं, टिकाऊ पर्यटन और स्थानीय छोटे कारोबारों को सहायता देने के प्रावधान भी इसमें शामिल किए गए हैं।
ग्रीनलैंड को एक ‘रणनीतिक सहयोगी और भरोसेमंद मित्र’ बताते हुए वॉन डेर लेयेन ने आश्वस्त किया कि ग्रीनलैंड पूरी तरह ईयू पर भरोसा कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह पैकेज वहां विकास के नए अवसर सृजित करेगा और आर्कटिक क्षेत्र में संघ की सहभागिता को सुदृढ़ करेगा।
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क राजशाही के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर समय-समय पर की गई टिप्पणियों से यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा, संप्रभुता और नाटो की आंतरिक एकजुटता पर बहस तेज हो गई है। ऐसे रणनीतिक मोड़ पर ईयू का यह निवेश यूरोप के जुड़ाव को मजबूत करने वाला एक अहम कदम माना जा रहा है।