अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापारिक टकराव को बढ़ाते हुए कनाडा से आने वाली कई प्रकार की शराब, चुनिंदा डेयरी उत्पादों और मोटरसाइकिलों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। व्हाइट हाउस की घोषणा के अनुसार, यह नया व्यापारिक प्रतिबंध 29 सितंबर को देर रात 12:01 बजे (ईस्टर्न टाइम) से प्रभावी हो जाएगा।
इस आदेश के तहत जो कनाडाई सामान तय समय-सीमा से पहले अमेरिकी सीमा पर पहुंच चुका है, लेकिन जिसे घरेलू उपभोग के लिए कस्टम क्लीयरेंस नहीं मिला है, उस पर वर्तमान में लागू 50 प्रतिशत का शुल्क जारी रहेगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य कनाडा की ओर से की गई जवाबी कार्रवाइयों का मुकाबला करना, अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की रक्षा करना और दोनों देशों के बीच व्यापार में समान अवसर सुनिश्चित करना है। इस निर्णय से कनाडा का अरबों डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा, हालांकि मौजूदा शुल्क सूची में हुए संशोधनों से लगभग 20 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार पर कोई व्यापक असर नहीं पड़ेगा।
प्रतिबंधित की गई शराब की सूची में पैकेज्ड बीयर, स्पार्कलिंग वाइन, साइडर, साके, व्हिस्की, बॉर्बन, रम, जिन, वोदका, टकीला, ब्रांडी, लिकर और अन्य स्पिरिट्स शामिल हैं। इसके दायरे में गैर-अल्कोहलिक बीयर को भी रखा गया है। वहीं डेयरी और कृषि क्षेत्र में व्हे प्रोटीन कॉन्संट्रेट, मॉडिफाइड व्हे, लिक्विड व्हे, ड्राइड व्हे तथा शीरे (मोलासेस) की कुछ किस्मों पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, एक अलग शासकीय आदेश के तहत 800cc से अधिक इंजन क्षमता वाली कनाडाई मोटरसाइकिलों और साइकिलों के आयात पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
आयात प्रतिबंधों के साथ ही ट्रंप प्रशासन ने 15 सितंबर से लागू होने वाली 50 प्रतिशत शुल्क की सूची में भी व्यापक फेरबदल किया है। इस संशोधित सूची में लोहा और इस्पात की संरचनाएं, एल्युमिनियम उत्पाद, कागज की कई श्रेणियां, मेटल फिटिंग्स, गोल्फ कार्ट, छोटे मोटर वाहन, आउटबोर्ड मोटरबोट, फर्नीचर, गद्दे, लैंप और गाय के दूध से इतर बने कुछ विशेष पनीर जोड़े गए हैं। इसके विपरीत, अमेरिकी कारोबारियों से मिले सुझावों के आधार पर नमक, पोर्टलैंड सीमेंट, रिफाइंड लेड, कुछ घरेलू पेपर उत्पाद, स्विचगियर असेंबली और मछली पकड़ने वाली छड़ों के उपकरणों को इस सूची से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि अमेरिकी उद्योग इन वस्तुओं के लिए कनाडा पर बहुत अधिक निर्भर हैं और इनके विकल्प बाजार में सरलता से उपलब्ध नहीं हैं।
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी से कनाडाई वाहनों पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की राष्ट्रपति ट्रंप की योजना पूर्ववत बनी रहेगी। हालांकि, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान का मार्ग अभी भी खुला हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कनाडाई प्रतिनिधियों के साथ रचनात्मक चर्चा हुई है और आगामी दिनों में अगले दौर की बातचीत संभावित है। अमेरिका ने पहली बार 20 जुलाई को 1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338 का प्रयोग करते हुए यह अतिरिक्त शुल्क लगाए थे, जिसे कनाडा के आश्वासन के बाद कुछ समय के लिए स्थगित किया गया था। यह स्थगन 22 अगस्त को तब समाप्त हो गया जब कनाडा अपनी शर्तों को पूरा करने में विफल रहा। धारा 338 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वे अमेरिका के खिलाफ भेदभावपूर्ण नीतियां अपनाने वाले देशों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा सकते हैं अथवा उनके उत्पादों के आयात को प्रतिबंधित कर सकते हैं।