मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, इंदौर में विजन समिट-2026 का आगाज

मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’, इंदौर में विजन समिट-2026 का आगाज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय ‘यात्री परिवहन विज़न समिट-2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए घोषणा की कि राज्य में आगामी 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय लोक परिवहन तंत्र उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवहन क्षेत्र के निजी ऑपरेटरों, वाहन निर्माताओं और औद्योगिक हितधारकों से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत जुड़कर एक अनुकरणीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था विकसित करने का आह्वान किया।

उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका’ और ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका’ का औपचारिक विमोचन किया। इसके साथ ही, यात्रियों को फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) और बाइक-टैक्सी सेवा प्रदाता ‘रैपिडो’ के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह सेवा शुरुआती चरण में भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू होगी, जिसमें महिला केंद्रित ‘रैपिडो पिंक’ को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में ‘एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026’ का डिजिटल शुभारंभ किया गया और ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं—सासाराम के सुधाकर कुमार (प्रथम पुरस्कार, 5 लाख रुपये), दिल्ली के चयन वोहरा (द्वितीय, 2 लाख रुपये) और भोपाल की गौरांगी शर्मा (तृतीय, 1 लाख रुपये)—को पुरस्कृत किया गया।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क वाले मध्यप्रदेश में 15 हजार से अधिक बसें संचालित करने की पर्याप्त क्षमता मौजूद है। प्रदेश में हर साल करीब 20 करोड़ पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं, अकेले उज्जैन में इस वर्ष 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में राज्य परिवहन सेवा का पुनर्गठन एक दशक पुरानी कमी को दूर कर 360 डिग्री का सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने उल्लेख किया कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो का संचालन, 8-लेन दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे और पिछले 12 वर्षों में बने 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्ग राज्य को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक व ट्रांसपोर्ट हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ही इस नवीन बस सेवा को जनता को समर्पित किया जाएगा।

परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 2004-05 में पुरानी राज्य परिवहन सेवा बंद होने के बाद यह पहल एक नया अध्याय लिखेगी, जो ई-बसों और डिजिटल तकनीकों के जरिए प्रदूषण मुक्त यात्रा और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी। इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि ई-बसों के संचालन से प्रतिवर्ष 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम होगा। वहीं, परिवहन सचिव मनीष सिंह ने योजना का खाका पेश करते हुए जानकारी दी कि MPYPIL के अधीन राज्य के 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा हो चुका है, जिसके तहत 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग पीपीपी मॉडल पर आईटीएमएस, जीपीएस, सीसीटीवी और पैनिक बटन की निगरानी में संचालित होंगे। समिट में यश टेक्नोलॉजी के सीएफओ धर्मेंद्र जैन, एका मोबिलिटी के अध्यक्ष सुधीर मेहता (जिन्होंने पीथमपुर में 5 हजार वार्षिक क्षमता वाले ई-बस संयंत्र की जानकारी दी) और ऑल इंडिया बस एंड कार परिसंघ के अध्यक्ष प्रसन्ना पटवर्धन सहित कई जनप्रतिनिधि और 2,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।

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