18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ में विश्व नेताओं का स्वागत किया और भारत के तकनीकी नवाचार क्षेत्र की प्रगति से उन्हें रूबरू कराया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रेखांकित किया कि देश में विकसित हो रहे नवाचार वैश्विक चुनौतियों के समाधान बन रहे हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं की लगन और कार्यकुशलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। शिखर सम्मेलन की बैठकों के इतर आयोजित इस प्रदर्शनी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग तथा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी भारतीय तकनीकी क्षमता को प्रत्यक्ष देखा।
शिक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार से आरंभ हुई यह राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी भारतीय विश्वविद्यालयों और शोध केंद्रों के आविष्कारों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका लक्ष्य घरेलू स्टार्टअप, अनुसंधान केंद्रों और शिक्षण संस्थानों को वैश्विक कॉर्पोरेट्स, निवेशकों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ जोड़कर एक मजबूत और स्थायी नेटवर्क तैयार करना है।
उल्लेखनीय है कि जून 2026 में फ्रांस के नीस में आयोजित पहली प्रदर्शनी के बाद यह इस वर्ष का दूसरा प्रमुख डीप-टेक समागम है। फ्रांस में भाग लेने वाले 120 स्टार्टअप्स में से चुने गए 37 उत्कृष्ट स्टार्टअप्स को इस बार आमंत्रित किया गया है, जो ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास’ विषयक भारतीय ब्रिक्स थीम को साकार करते हैं।
दिनभर के कार्यक्रमों के उपरांत शनिवार शाम को भारत मंडपम में एक भव्य औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया गया। इस रात्रिभोज में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी तथा डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सहित कई वैश्विक हस्तियां सम्मिलित हुईं।
अतिथियों के आदर-सत्कार के लिए विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण और भारतीय भोजन की समृद्ध परंपरा को दर्शाने वाला पूर्णतः वीगन भोजन परोसा गया। कार्यक्रम के दौरान ब्रिक्स देशों की सांस्कृतिक एकता को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनमें “नवरसा” और सदस्य देशों के संगीतकारों की संयुक्त सिम्फनी “वन रिदम, मेनी कल्चर्स” प्रमुख रहीं।