मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नारकोटिक्स अकादमी (नासिन) के 65 निरीक्षकों के लिए आयोजित दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 सितंबर को संपन्न हो गया। 31 अगस्त से संचालित इस प्रशिक्षण सत्र के समापन समारोह की अध्यक्षता पुलिस उप महानिरीक्षक (होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन) अमित सांघी ने की।
समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अमित सांघी ने उपस्थित अधिकारियों को फील्ड वर्क मैनेजमेंट, प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था के संचालन, अपराध अनुसंधान और अनुशासनात्मक मानकों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सुदृढ़ समन्वय ही शासकीय व्यवस्था को वास्तविक मजबूती प्रदान करता है।
श्री सांघी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि जब कानून लागू करने वाली विभिन्न संस्थाएं आपसी सामंजस्य, कार्यप्रणाली की स्पष्टता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करती हैं, तो शासकीय कामकाज की गुणवत्ता और प्रभावशीलता में व्यापक वृद्धि होती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित व्यावहारिक ज्ञान और अनुभवों का उपयोग अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए करेंगे।
दो सप्ताह तक चले इस सघन प्रशिक्षण के अंतर्गत अधिकारियों को परेड, अनुशासन, वेपन टैक्टिक्स, अदालती प्रक्रिया, मानवाधिकार, व्यावसायिक दक्षता, नीतिशास्त्र (एथिक्स एवं मॉरालिटी) तथा अपराधशास्त्र से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही कार्य-जीवन संतुलन (वर्क-लाइफ बैलेंस), मानव व्यवहार और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हाल ही में लागू हुए नवीन आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के वैधानिक प्रावधानों पर विशेष रूप से केंद्रित सत्र संचालित किए गए, ताकि अधिकारी विधिक बारीकियों को समझकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इसका मुख्य ध्येय विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों के मध्य साझा समझ और सहयोग की भावना को विस्तार देना था।
इस संयुक्त प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य नासिन से संबद्ध अधिकारियों की वैधानिक समझ, कार्य प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर दक्षता को और अधिक सशक्त बनाना था। समापन के अवसर पर मप्र पुलिस अकादमी के उप निदेशक रामजी श्रीवास्तव, श्रीमती रेनू डामोर (आईआरएस), सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) श्रीमती रश्मि पाण्डेय तथा सहायक निदेशक श्रीमती यास्मीन जहरा सहित अकादमी व नासिन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अकादमी समय-समय पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की क्षमता वृद्धि और अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे प्रशिक्षण सत्र आयोजित करती रही है।