राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में बुधवार, 16 सितंबर को भारतीय और अमेरिकी सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्धाभ्यास’ के तहत एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोप से जुड़े विशेष सामरिक अभ्यासों को अंजाम दिया।
इस अभ्यास सत्र में दोनों देशों के सैनिकों ने दिन के समय तोप की सटीक तैनाती और परिचालन प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रदर्शन किया। सैन्य कर्मियों को तोप स्थापित करने के चरणों, जिम्मेदारियों के बंटवारे और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा समन्वय से जुड़ी बारीकियों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही, शत्रु की ओर से संभावित जवाबी गोलाबारी की स्थिति में तोप को तत्काल वैकल्पिक ठिकाने पर स्थानांतरित करने की योजना पर भी मुख्य रूप से काम किया गया।
अभ्यास के प्रमुख चरण में ‘शूट एंड स्कूट’ तकनीक का अभ्यास किया गया, जिसका मकसद फायरिंग करने के तुरंत बाद तोप को उस स्थान से तेजी से हटाकर सुरक्षित करना होता है। इस प्रक्रिया ने दोनों सेनाओं के जवानों को अपनी-अपनी कार्यप्रणालियों और युद्धक्षेत्र के अनुभवों को साझा करने का अवसर दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच परिचालन स्तर पर समन्वय और बेहतर हुआ।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार से दोनों देशों के बीच ‘युद्धाभ्यास’ का 22वां संस्करण औपचारिक रूप से आरंभ हुआ है। यह द्विपक्षीय युद्धाभ्यास एक साथ दो अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में संचालित हो रहा है, जिसमें उत्तराखंड का पहाड़ी क्षेत्र औली और राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज शामिल हैं। इस पूरे अभ्यास में भारत और अमेरिका, दोनों पक्षों से लगभग 600-600 सैनिक भाग ले रहे हैं।
इस बार के अभ्यास में आधुनिक तकनीक के प्रयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके तहत निगरानी और टोह लेने के कार्यों के लिए ड्रोन व स्वायत्त प्रणालियों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। महाजन रेंज में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन जारी है, जहां दोनों सेनाओं के विशेषज्ञ बहु-क्षेत्रीय युद्धकला और नवीन सैन्य तकनीकों पर रणनीति साझा कर रहे हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इन गतिविधियों से दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों को संचालित करने की क्षमता और आपसी समन्वय को मजबूती मिलेगी।