नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विभागीय अधिकारियों और ग्राम प्रधानों के साथ वृक्षारोपण किया। इसके पश्चात ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध त्वरित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकारों और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कार्यस्थलों की औचक जांच कराने पर बल देते हुए एक उदाहरण दिया कि यदि किसी गांव का तालाब पहले से पानी से लबालब है, तो वहां श्रमिकों से खुदाई कराना संदेह पैदा करता है। ऐसे संदिग्ध मामलों की प्राथमिकता के आधार पर गहन जांच की जानी चाहिए।
योजना की प्रगति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत को केवल दो महीने बीते हैं और यह तीसरा महीना है। लिहाजा, प्रारंभिक स्तर से ही कठोर निगरानी तंत्र स्थापित करना अनिवार्य है। जहां काम मानकों के अनुरूप हो रहा है वहां प्रोत्साहन दिया जाए, किंतु जहां कहीं भी गड़बड़ी की पुष्टि हो, वहां शुरुआत में ही दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के दौरान मस्टर रोल में फर्जीवाड़े और अनुपस्थित मजदूरों के नाम पर राशि निकाले जाने जैसी पुरानी विसंगतियों को इस नई व्यवस्था में कतई दोहराने नहीं दिया जाएगा।
तकनीक के उपयोग को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा प्रमाणीकरण) प्रणाली को अनिवार्य बनाया गया है। अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि इस तकनीकी प्रक्रिया में कोई खामी न आने पाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि श्रमिकों को बिना किसी अवरोध के लगातार काम मिले और उनके पारिश्रमिक का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए।
बजट आवंटन के संदर्भ में उन्होंने याद दिलाया कि जिला स्तर पर 60 प्रतिशत व्यय मजदूरी पर तथा शेष 40 प्रतिशत राशि सामग्री पर खर्च की जानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना का उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना या मिट्टी हटाना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और उपयोगी संपत्तियों का निर्माण करना है। ऐसे बुनियादी ढांचे तैयार किए जाएं जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हों।
समारोह के अंत में केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई देते हुए उनकी लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जीवन का मुख्य ध्येय राष्ट्र की सेवा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री पद से लेकर देश के प्रधानमंत्री पद तक, पिछले 25 वर्षों से सरकार के प्रमुख के रूप में उनका सार्वजनिक जीवन समर्पित रहा है, जिसके नेतृत्व में भारत एक समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है।