थिम्फू में गुरुवार को भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे से द्विपक्षीय बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोहराया कि भारत पड़ोसी देश भूटान की उन्नति और निरंतर समृद्धि के लिए पूर्णतः समर्पित है।
विदेश मंत्री बुधवार को अपने दो दिवसीय सरकारी प्रवास के तहत भूटान पहुंचे थे। पारो आगमन पर उनके भूटानी समकक्ष डी.एन. ढुंग्येल ने उनका स्वागत किया। इस यात्रा का मुख्य मकसद नई दिल्ली और थिम्फू के ऐतिहासिक रिश्तों को नया संबल देना और आपसी सहयोग के अवसरों को गति प्रदान करना है।
भूटानी प्रधानमंत्री के साथ संपन्न बैठक के संदर्भ में विदेश मंत्री ने ‘X’ पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से टोबगे को बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही, दोनों मुल्कों के प्रगाढ़ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में भूटानी प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की भी उन्होंने सराहना की।
इस मुलाक़ात के अवसर पर विदेश मंत्री ने 54 ‘Made in India’ इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) भूटानी पक्ष को सौंपीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत भूटान के ई-मोबिलिटी तथा संधारणीय आवागमन को बढ़ावा देने वाले प्रयासों में पूरी तरह भागीदार है।
दौरे के तहत दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भी बैठक की, जिसमें द्विपक्षीय हितों की समीक्षा की गई। इस बातचीत में बुनियादी ढांचा विकास, ऊर्जा, आपसी कारोबार, परिवहन व संचार संपर्क, सांस्कृतिक रिश्ते और दोनों मुल्कों के नागरिकों के परस्पर संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति बनी।
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। जयशंकर ने मोंगर स्थित 65 बिस्तरों वाले ‘Gyaltsuen Jetsun Pema Mother and Child Hospital’ का लोकार्पण किया। साथ ही, उत्तरी भूटान के गासा क्षेत्र में 500 किलोवाट के ‘Lunana Hydropower Project’ का शिलान्यास भी किया गया।