नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण किया और वैश्विक चिप व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के साथ राज्य में निवेश तथा तकनीकी साझेदारी को लेकर विस्तृत संवाद किया।
इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी 23 एवं 24 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के इंदौर में एक वृहद निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य देश और दुनिया भर के उद्योगपतियों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, उपलब्ध संसाधनों और निवेश के व्यापक अवसरों से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व के चलते देश में सेमीकंडक्टर उद्योग के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है और मध्यप्रदेश इस बदलाव का मुख्य केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत की। उन्होंने पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, मार्वल सेमीकंडक्टर्स, एनएक्सपी इंडिया, एल एंड टी सेमीकंडक्टर्स, स्वदेश आईसी सेमीकंडक्टर्स और स्प्रिन्टोनिक्स एआई के प्रतिनिधियों से प्रदेश में विस्तार को लेकर विमर्श किया। इसके साथ ही किष्किंधा इंटरनेशनल, डिजिकॉम, सिग्निटयूट, स्टेम्बो टेक्नोलॉजी, ट्रू-चिप सोल्युशन, बनाश्री सेमीकंडक्टर्स, वीएलएसआई एक्सपर्ट और न्यूजिमो सेमीकंडक्टर्स जैसी चिप डिजाइनिंग कंपनियों से भी तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साझेदारी मजबूत करने के क्रम में डॉ. यादव ने इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (आईएसआईजी) के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस समूह में अमेरिका की मेकडरमिड अल्फा, कोरिया की हनवा व जेनसेम इंक, और जापान की एक्रेटेक, केनन तथा कैइजो के प्रतिनिधि शामिल रहे। इसके अतिरिक्त जापानी प्रतिनिधिमंडल की आक्साईड कार्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के साथ भी वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने एक्सपो में बने स्वीडिश पवेलियन और मोहाली चिप डिजाइनिंग पवेलियन का भी जायजा लिया और इसे वैश्विक साझेदारियों के लिए अहम बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को पूर्ण सहयोग, अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्प है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए कई औद्योगिक समूहों ने प्रदेश में कार्य शुरू किया है। उन्होंने बताया कि भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में पर्याप्त लैंड बैंक और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे राज्य एक प्रमुख इन्वेस्टमेंट कैपिटल और बिजनेस मॉडल स्टेट के रूप में उभर रहा है। यह विस्तार प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल संवर्धन के नए द्वार खोलेगा।