भारत और चिली अपने आर्थिक संबंधों और पारस्परिक निवेश को और अधिक गहरा करने के उद्देश्य से एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में अग्रसर हैं। भारत में चिली के राजदूत जुआन एंगुलो एम ने सोमवार को चिली के स्वतंत्रता दिवस की 216वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।
राजदूत एंगुलो ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 के दौरान दोनों देशों का आपसी व्यापार 5.6 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया, जो दोनों पक्षों के मध्य तेजी से बढ़ते आर्थिक महत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने तमिलनाडु की औद्योगिक क्षमताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ ऊर्जा, विनिर्माण, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर तमिलनाडु की दक्षता चिली की व्यावसायिक इकाइयों और संस्थानों के साथ परस्पर सहयोग के व्यापक रास्ते खोलती है।
चिली की मानद वाणिज्यदूत सुनीता शाहने द्वारा आयोजित इस स्वागत समारोह में सरकार, राजनयिक वर्ग, वाणिज्यदूतावासों के प्रतिनिधियों, उद्योग-व्यापार, शिक्षा, मीडिया तथा कला-संस्कृति जगत की प्रमुख हस्तियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही दक्षिण भारत और चेन्नई के कई नागरिक भी इस कूटनीतिक उत्सव के साक्षी बने।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मानद वाणिज्यदूत के पद पर सुनीता शाहने की 27 वर्षों की दीर्घकालिक और समर्पित सेवा का सम्मान रहा। 28 अप्रैल 1999 को नियुक्त हुईं शाहने ने सात विभिन्न राजदूतों के साथ समन्वय करते हुए दक्षिण भारत और चिली के संपर्कों को निरंतर मजबूती प्रदान की। उनके योगदानों में उच्चस्तरीय संसदीय व राजनयिक दौरों का सफल प्रबंधन, कारोबारी साझेदारी को प्रोत्साहन, राष्ट्रीय दिवस का आयोजन तथा स्थानीय जनता के बीच चिली के फल, वाइन, सिनेमा और संस्कृति का प्रसार शामिल रहा है। उनके इसी कार्यकाल में मार्च 2009 में राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट की चेन्नई की राजकीय यात्रा भी संपन्न हुई थी।
राजदूत ने शाहने के समर्पण, गर्मजोशी और निरंतर निष्ठा को रेखांकित करते हुए उन्हें चिली, चेन्नई और दक्षिण भारत के बीच एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम करार दिया। उन्होंने कहा कि शाहने के कार्यों ने द्विपक्षीय कूटनीतिक, वाणिज्यिक, सांस्कृतिक और दोनों देशों के नागरिकों के आपसी संबंधों को नई दिशा दी है। इसके जवाब में शाहने ने कहा कि वह भारत और चिली के संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने तथा दोनों देशों के जनमानस को एक-दूसरे के निकट लाने के प्रति पूर्णतः समर्पित रहेंगी।