न्यूयॉर्क में मंगलवार से आरंभ हो रहे संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र से पूर्व, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को यूरोपीय संघ (ईयू) तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के कई देशों के विदेश मंत्रियों के साथ अहम बैठक की। इस अनौपचारिक वार्ता में वैश्विक शांति, सुरक्षा, बहुपक्षीय तालमेल और अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा से जुड़े प्रमुख विषयों पर व्यापक विमर्श हुआ।
बैठक के उपरांत पोलैंड के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि इस संवाद का मुख्य केंद्र अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी सिद्धांतों के संरक्षण हेतु यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के मध्य रणनीतिक सहयोग को मजबूती देना था। इसके साथ ही वैश्विक शांति व स्थिरता बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने तथा वैश्विक मंचों पर आपसी सामंजस्य बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
विदेश मंत्री जयशंकर ने भी ‘एक्स’ के माध्यम से बातचीत की जानकारी साझा करते हुए यूरोपीय संघ के सहयोगियों के साथ संवाद पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने रेखांकित किया कि बैठक के दौरान भारत और ईयू के आपसी संबंधों, बहुपक्षीय सहयोग तथा मौजूदा वैश्विक परिदृश्य पर सार्थक बातचीत हुई, जिसमें यूक्रेन संकट, खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और इंडो-पैसिफिक के हालात विशेष रूप से शामिल रहे।
इस बहुपक्षीय विमर्श में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनमें ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून प्रमुख रहे। इन नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी और साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर अपने विचार रखे। साथ ही, तकनीक के क्षेत्र में उभरती प्राथमिकताओं, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए एक सर्वमान्य साझा ढांचा तैयार करने पर भी गहन मंथन किया गया।
संयुक्त राष्ट्र के इस उच्च स्तरीय सप्ताह के इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के क्रियान्वयन के बाद दोनों देशों के बीच निरंतर सुदृढ़ हो रहे आर्थिक रिश्तों की समीक्षा की तथा वैश्विक पटल पर बहुपक्षीय सहयोग को और गति देने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।