पिछले सत्र की मंदी को पीछे छोड़ते हुए घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ वापसी की और हरे निशान में बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत के संकेतों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हुईं, जिससे बाजार की धारणा को बल मिला। इस सकारात्मक माहौल में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब आधा प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने में सफल रहे।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,828.25 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 117.80 अंक या 0.5 प्रतिशत की तेजी लेकर 23,446.80 के स्तर पर टिका। व्यापक बाजार में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जिसके चलते निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.70 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 0.89 प्रतिशत का सुधार देखा गया।
क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.4 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर बढ़त में सबसे आगे रहा। इसके साथ ही रियल्टी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी और सीमेंट सेक्टरों में भी अच्छी लिवाली रही और ये सभी 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज करने में कामयाब रहे। इसके विपरीत, आईटी और मीडिया सेक्टर पर बिकवाली का दबाव हावी रहा; निफ्टी आईटी में 0.87 प्रतिशत तथा निफ्टी मीडिया में 0.50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी50 के प्रमुख शेयरों में बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, टाटा स्टील, अपोलो हॉस्पिटल्स और जेएसडब्ल्यू स्टील शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में रहे। इसके अलावा ग्रासिम, नेस्ले इंडिया, आईटीसी, एलएंडटी, पावरग्रिड और अदाणी पोर्ट्स में भी उल्लेखनीय मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर, बिकवाली के चलते एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, टाइटन, कोल इंडिया, एनटीपीसी, बीईएल और ट्रेंट के शेयर लाल निशान में बंद होकर पिछड़ गए।
दिन के रुझान से स्पष्ट रहा कि मेटल और बैंकिंग क्षेत्र में आई तेजी तथा व्यापक बाजार में सक्रिय भागीदारी ने निवेशकों के भरोसे को सहारा दिया। हालांकि, प्रमुख आईटी शेयरों में जारी कमजोरी के कारण मुख्य सूचकांकों की बढ़त ऊपरी स्तरों पर अधिक विस्तार नहीं ले सकी।