72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: राष्ट्रपति ने एकता नगर में विजेताओं को किया सम्मानित, दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: राष्ट्रपति ने एकता नगर में विजेताओं को किया सम्मानित, दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार

गुजरात के एकता नगर में मंगलवार को आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं को उनकी विशिष्ट प्रतिभा, निष्ठा और कठिन परिश्रम के लिए बधाई दी। भारतीय सिनेमा में आजीवन और अप्रतिम योगदान के लिए वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को वर्ष 2024 का प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार सौंपा गया।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि फिल्म निर्माण एक साझा और सामूहिक उद्यम है। ऐसे में सफलता के इस मंच पर उन सभी कर्मियों और सहायकों के पसीने को याद रखना आवश्यक है, जिनके अथक प्रयास से कोई फिल्म पर्दे पर साकार होती है। समाज, खासकर बच्चों और युवाओं पर लोकप्रिय कलाकारों के गहरे असर को रेखांकित करते हुए उन्होंने सिनेमा जगत से स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने सफल कलाकारों को आगाह किया कि वे युवाओं के लिए सकारात्मक मार्गदर्शक बनें और स्वास्थ्य के लिए अहितकर पदार्थों के विज्ञापनों से पूरी तरह दूर रहें। इसके साथ ही उन्होंने रचनात्मक क्षेत्र के छोटे कलाकारों व सहयोगियों के लिए सामाजिक सुरक्षा और जूरी पैनल में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान स्वीकार करते हुए अभिनेता अनंत नाग ने अपने लंबे सफर में दर्शकों और प्रशंसकों से मिले असीम स्नेह के प्रति आभार जताया। अपने शुरुआती दिनों का स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि एक आश्रम में बाल्यकाल बीतने के बाद वे मुंबई पहुंचे, जहां नाटकों के मंचन से उनके अभिनय का सफर शुरू हुआ। सिनेमा में आने से पूर्व उन्होंने करीब पचास नाटकों में अभिनय किया और बाद में उन्हें श्याम बेनेगल जैसे प्रतिष्ठित निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वेच्छा से कन्नड़ सिनेमा का चयन किया और बेंगलुरु को अपनी कर्मभूमि बनाया। पिछले वर्ष मिले पद्म भूषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने फाल्के सम्मान के लिए भी कृतज्ञता व्यक्त की।

इस वर्ष मुख्य पुरस्कार श्रेणियों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए दिग्गज अभिनेता ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में दमदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला, जबकि इसी फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का खिताब भी अपने नाम किया। पहली बार निर्देशन में उतरे रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, ‘कल्कि 2898 एडी’ को संपूर्ण मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म, ‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक व पर्यावरणीय मूल्यों को मजबूती देने वाली फिल्म तथा ‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया।

सहायक भूमिकाओं के वर्ग में, ‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, जबकि ‘महाराजा’ की सचना नामिदास और ‘मिथ्या’ की रूपाश्री वरकडी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री घोषित किया गया। समारोह में क्षेत्रीय व गैर-सूचीबद्ध भाषाओं के सिनेमा को भी राष्ट्रीय पहचान मिली। दिनेश पी. भोंसले द्वारा निर्देशित और एससी फार्माकेम प्राइवेट लिमिटेड निर्मित ‘ढोली’ को सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म तथा शिवध्वज शेट्टी के निर्देशन व पिक्चर स्टूडियो के निर्माण में बनी ‘इम्बू’ को सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, रवि राज मुर्मू द्वारा निर्देशित संथाली फिल्म ‘आंगेन’ को किसी निर्देशक की पहली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान प्रदान किया गया।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार पर्दे के आगे और पीछे दोनों जगह पसीना बहाने वाली पूरी टीम के साझा श्रम का सम्मान करते हैं। उन्होंने घोषणा की कि देश की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भविष्य में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने देशभर में 15,000 क्रिएटिव लैब की स्थापना और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (आईआईसीटी) के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करने की जानकारी दी, जहां 13 पाठ्यक्रमों में करीब 380 छात्र पंजीकृत हैं। उन्होंने अक्टूबर 2027 में ‘वेव्स’ के अगले संस्करण के आयोजन की भी घोषणा की। इस दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का आग्रह किया, जबकि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने फिल्मकारों को राज्य में शूटिंग का न्योता दिया। मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने बताया कि इस वर्ष 34 भाषाओं की 400 फीचर और 24 भाषाओं की 161 गैर-फीचर फिल्मों में से कुल 45 श्रेणियों में यह सम्मान दिए गए।

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