चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी तीन दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा के लिए बुधवार शाम अमेरिका पहुंचे, जहां ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं उपस्थित होकर उनका स्वागत किया।
मैरीलैंड के सैन्य हवाई अड्डे पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन को लेकर आया विमान स्थानीय समयानुसार शाम 5:39 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 3:09 बजे) उतरा। ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया के साथ शाम 6:01 बजे (भारतीय समयानुसार तड़के 3:31 बजे) विमान की सीढ़ियों के नीचे पहुंचे और मेहमानों का अभिवादन किया। अमेरिकी कूटनीति में छह दशकों से अधिक समय बाद यह परिदृश्य देखा गया है; 1962 में राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का इस तरह स्वागत किया था। दोनों नेताओं के बीच छह माह के भीतर आयोजित होने वाली यह दूसरी शिखर बैठक है।
हवाई अड्डे पर 100 फीट लंबे रेड कार्पेट पर चलते हुए दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने 21 सदस्यीय सैन्य दल की सलामी स्वीकार की। तोपों की सलामी के साथ अमेरिकी वायुसेना बैंड द्वारा दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए, जिसके समानांतर दो बी-1 बॉम्बर्स ने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी। इसके पश्चात शी का काफिला आगे बढ़ गया, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति मरीन वन हेलीकॉप्टर से व्हाइट हाउस लौटे। चीनी दल में पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य काई छी और विदेश मंत्री वांग यी जैसे शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं।
वार्ता के मुख्य बिंदुओं में टैरिफ, उन्नत तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा समन्वय, पश्चिम एशिया संघर्ष, यूक्रेन संकट, अंतरिक्ष में सैन्य होड़ और ताइवान को हथियारों की आपूर्ति शामिल हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संवाददाताओं से कहा कि यह द्विपक्षीय संबंध 21वीं सदी को स्वरूप प्रदान करेगा और मतभेदों के बावजूद संवाद जारी रखना अपरिहार्य है। मेलानिया ट्रंप ने भी एक टीवी साक्षात्कार में पुष्टि की कि दोनों राष्ट्रपतियों के बीच परस्पर अच्छे संबंध ही इस असाधारण स्वागत का आधार बने।
तय कार्यक्रम के अनुसार बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में औपचारिक सलामी गारद के बाद दोनों नेता बंद कमरे में गहन विचार-विमर्श करेंगे। रात्रि में आयोजित होने वाले औपचारिक भोज में स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क और एनवीडिया के प्रमुख जेन्सेन हुआंग भी आमंत्रित हैं, जो ट्रंप की मई माह की बीजिंग यात्रा के औपचारिक सत्कार की कड़ी है। शुक्रवार को दोनों पक्ष व्हाइट हाउस में चाय पर अनौपचारिक भेंट करेंगे और फिर नेशनल आर्काइव्स जाकर ऐतिहासिक अभिलेखों का अवलोकन करेंगे। इस व्यापक कूटनीतिक हलचल के बावजूद दोनों शक्तियों के संबंधों में किसी नाटकीय सुधार की संभावना कम ही जताई जा रही है।