प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान देश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच का फासला तेजी से सिमटा है तथा गांवों के आधारभूत ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। वह वाराणसी से वडनगर के बीच निकाली जा रही ‘सेवा यात्रा’ मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्ष 2014 में उनकी सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से देश की महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना काफी मजबूत हुई है। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि कार्यों का उद्देश्य केवल चुनावी या वोट बैंक की राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका केंद्र समाज में सतत सुधार और सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए।
यह विशेष मोटरसाइकिल अभियान प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिवस पर 17 सितंबर को रवाना किया गया था, जिसका समापन 7 अक्टूबर को होगा। इस आयोजन की पृष्ठभूमि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक सेवा कार्यकाल के पूर्ण होने से जुड़ी है।
यह यात्रा दोतरफा मार्ग पर संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत एक दल गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी और दूसरा दल वाराणसी से वडनगर का सफर तय कर रहा है। वडनगर प्रधानमंत्री की जन्मस्थली है, जबकि वाराणसी वर्ष 2014 से निरंतर उनका संसदीय क्षेत्र रहा है।
अपने जीवन के अनुभवों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी जन्मभूमि वडनगर ने उन्हें वे बुनियादी संस्कार दिए जिन्होंने उनके जीवन को दिशा दी, वहीं काशी ने उन संस्कारों को सेवा के विविध आयामों से समृद्ध किया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि रैली के सदस्य सेवा के इसी भाव को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
यह अभियान विभिन्न कस्बों, जिलों और देहाती क्षेत्रों से गुजरते हुए सेवा के संदेश को जमीनी स्तर तक ले जा रहा है। इस पूरी कवायद के माध्यम से युवा सहभागिता, लोक कल्याण, सांस्कृतिक समन्वय, सामाजिक संवाद और सामुदायिक एकजुटता जैसे जनसरोकारों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक सशक्त रूप से जोड़ा जा रहा है।