भारतीय महिला निशानेबाजी दल ने एशियन गेम्स 2026 के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में देश के लिए रजत पदक पक्का किया। तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे के संयुक्त प्रयासों से भारत ने क्वालिफिकेशन चरण में कुल 1763 अंक दर्ज किए। चीन ने 1773 अंकों के साथ प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता, वहीं कजाकिस्तान ने 1754 अंकों के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
क्वालिफिकेशन के तीनों चरणों—नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग—में भारतीय तिकड़ी ने लगातार शीर्ष दावेदारों के बीच अपना स्थान सुरक्षित रखा। प्रतियोगिता की शुरुआत में तिलोत्तमा और आशी ने सटीक निशानेबाजी से बढ़त दिलाई, जबकि नीलिंग राउंड में शुरुआती मुश्किलों के बाद विदरसा ने अगले दो चरणों में तकनीकी सुधार दिखाते हुए टीम के स्कोर में बहुमूल्य अंक जोड़े।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में तिलोत्तमा सेन का खेल बेहद सधा हुआ रहा। नीलिंग और प्रोन दोनों चरणों में सटीक प्रदर्शन के दम पर वह लगातार शीर्ष तीन में बनी रहीं और अंत में 590 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर शीर्ष आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाने में सफल रहीं।
विदरसा विनोद ने भी दबाव के बीच बेहतरीन धैर्य का परिचय दिया। नीलिंग में पिछड़ने के बाद उन्होंने प्रोन और स्टैंडिंग में मजबूत पकड़ बनाई और 588 अंकों के साथ छठा स्थान हासिल करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, आशी चौकसे स्टैंडिंग सीरीज की चुनौतियों से पार नहीं पा सकीं और 585 अंकों के साथ 15वें स्थान पर रहकर व्यक्तिगत फाइनल से चूक गईं, हालांकि टीम के खाते में रजत पदक दर्ज कराने में उनका योगदान निर्णायक रहा।
नियमों के अनुसार प्रत्येक निशानेबाज ने तीनों स्थितियों में 20-20 शॉट पूरे किए, जिनके आधार पर टीम रैंकिंग और व्यक्तिगत फाइनलिस्ट तय हुए। एक देश से अधिकतम दो खिलाड़ियों के प्रवेश नियम के साथ चीन की हान जियायू ने 594 अंकों के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। टीम स्पर्धा में पदक जीतने के बाद अब तिलोत्तमा सेन और विदरसा विनोद का पूरा ध्यान व्यक्तिगत फाइनल मुकाबले पर केंद्रित है।