ब्रिटेन ऑनलाइन सेफ्टी बिल बनाने जा रहा है। इसका मकसद बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया कंपनियों की साइट्स के दुष्प्रभावों से बचना है। ब्रिटेन के सांसदों ने इसके लिए बड़ी तैयारी की है। ब्रिटेन सहित अमेरिका से फेसबुक, टिकटॉक, गूगल और टि्वटर के प्रतिनिधियों को तलब किया है। सांसदों का मानना है कि इनसे पड़ताल कर इन कंपनियों की कार्यप्रणालियों के बारे में पड़ताल की जाएगी।
इस सतर्कता के पीछे ये उद्देश्य है कि कानून इतना कारगर बने कि ये सोशल मीडया कंपनियां किसी प्रकार का दांवपेंच नहीं कर सके। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में भी सोशल मीडिया पर शिकंजा कसने की कवायाद चल रही है। फेसबुक की विहिस्लब्लोअर फ्रांसिस होगेन अमेरिकी संसद में अपनी गवाही में फेसबुक के कई राज खोल चुकी हैं।
लेकिन ब्रिटेन सहित अन्य यूरोपीय देशों ने एक कदम और आगे बढ़कर नया ऑनलाइन सेफ्टी बिल लाने से पहले इन कंपनियों के प्रतिनिधियों से पड़ताल करने का निर्णय किया है। ब्रिटिश सांसद सोशल मीडिया कंपनियों से ऐसे समय में पूछताछ कर रही हैं जबकि अन्य प्रतिनिधियों से अमेरिकी संसद भी पूछताछ कर रही है।
ब्रिटिश सांसदों का कहना है कि सोशल मीडिया साइट्स के कारण बच्चों में फूड डिस्ऑर्डर, ड्रग्स और पोर्न की लत लगने की आशंका रहती है। इन साइट्स के एल्गोरिदम के कारण बच्चे इन साइट्स में फंस जाते हैं। अमेरिका में पिछले दिनों ऐसे कई मामले आए हैं जब कोरोना काल के दौरान बच्चे सोशल मीडिया की इन साइट्स पर लगातार सर्च करते रहे और अवसाद में घिर गए।
बिल को कारगर बनाने के लिए ब्रिटिश सरकार पिछले कुछ समय से एक्सपर्ट्स से भी पूछताछ कर रही है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि नए बिल में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।