परमबीर की मुसीबत बढ़ी:

कई दिनों से गायब चल रहे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के खिलाफ बुधवार को तीसरा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ है। यह मुंबई में दर्ज उगाही के एक मामले में जारी हुआ है।

परमबीर के खिलाफ यह तीसरा NBW मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज जबरन वसूली के केस में जारी हुआ है। मंगलवार को इसी केस से जुड़े मामले में गिरफ्तार हुए पुलिस इंस्पेक्टर नंदकुमार गोपाल और आशा कोर्के को मुंबई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 7 दिन की सीआईडी रिमांड पर भेज दिया था।

इससे पहले इसी तरह के एक मामले में ठाणे पुलिस की अर्जी पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इससे पहले परमबीर के खिलाफ चांदीवाल कमीशन ने भी जमानती वारंट जारी किया है।

बता दें कि बिल्डर विमल अग्रवाल ने पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली करने का आरोप लगाया था। वहीं, मुंबई का एंटीलिया केस पांच पुलिसवालों समेत कुल दस लोगों को जेल पहुंचा चुका है। जबकि कुछ लोग अभी भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। करीब तीन महीने पहले मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्वनर परमबीर सिंह ने एक खत लिखा था। जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर कुछ पुलिस वालों की मदद से उगाही का इल्जाम लगाया था।ठाणे पुलिस ने परमबीर सिंह के खिलाफ हाल ही में लुकआउट नोटिस जारी किया था। फिरौती और उगाही के मामले में ठाणे में केतन तन्ना द्वारा परमबीर सिंह सहित 28 लोगों पर केस दर्ज कराया था। केतन ने परमबीर पर झूठे आरोप में फंसा कर उगाही करने का आरोप लगाया था। केस के सभी 28 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। मामले के कुछ आरोपी पहले से जेल में है। अन्य आरोपी विदेश न भाग जाए, इसलिए यह लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, इसके बावजूद परमबीर सिंह गायब हैं।परमबीर सिंह स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर जाने के बाद से मई से लापता हैं। सिंह को उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर कई पत्र भेजे गए और उनके ठिकानों के बारे में पूछताछ की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पिछले महीने, गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा था कि वे आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों के प्रावधानों को देख रहे हैं।

दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास विस्फोटकों वाली एसयूवी मिलने के मामले में मुंबई पुलिस के अधिकारी (एपीआई) सचिन वाजे को गिरफ्तार किए जाने के बाद 17 मार्च को परमबीर सिंह को भी मुंबई पुलिस प्रमुख के पद से हटा दिया गया और होमगार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था।इसके बाद परमबीर सिंह ने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर वसूली का आरोप लगाते कि देशमुख ने सचिन वाजे को मुंबई के होटलों और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये लेने के लिए कहा था। हालांकि इस आरोप से देशमुख ने इनकार किया है। उधर, महाराष्ट्र के गृह विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, परमबीर सिंह को भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *