दक्षिण अफ्रीका के कुछ देशों में कोरोना का नया वैरिएंट मिलने के बाद से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। WHO ने इस पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। WHO के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने कहा कि शुरुआती एनालिसिस से पता चला है कि इस वैरिएंट में कई म्यूटेशन हो रहे हैं। इसकी और स्टडी करने की जरूरत है। हमें इसका असर समझने में कुछ हफ्ते लगेंगे। रिसर्चर्स इसे और ज्यादा समझने पर काम कर रहे हैं।
शुक्रवार की मीटिंग के बाद नए वैरिएंट के बारे में WHO सरकारों के लिए गाइडेंस जारी करेगा, जिससे वे आगे के एक्शन ले सकेंगे। उधर, फ्रांस ने 48 घंटे के लिए दक्षिण अफ्रीका से आने वाली सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ अफ्रीकी देशों में कोरोना का नए वैरिएंट मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है।
दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में मिले कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है। ब्रिटिश साइंटिस्ट्स ने भी बोत्सवाना में मिले नए वैरिएंट को लेकर चेतावनी दी थी। इसमें 32 म्यूटेशन हो रहे हैं, जिस वजह से वैक्सीन भी इसके खिलाफ कारगर नहीं है। यह वैरिएंट अपने स्पाइक प्रोटीन में बदलाव कर काफी तेजी से फैल रहा है। भारत के लिए खतरे की बात यह है कि नया स्ट्रेन हॉन्गकॉन्ग तक पहुंच गया है।
दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफेक्शियस डिजीज ने बताया- देश में इस वैरिएंट के अब तक 22 केस मिले हैं। वैज्ञानिकों ने इसे B.1.1.529 नाम दिया है। इसे वैरिएंट ऑफ सीरियस कंसर्न बताया है। WHO में कोरोना मामले की तकनीकी प्रमुख डॉ. मारिया वान केरखोव ने कहा- हमें इस वैरिएंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिली है। मल्टीपल म्यूटेशन की वजह से वायरस के बिहेवियर में बदलाव हो रहा है और यह चिंता की बात है।ब्रिटेन ने नए वैरिएंट के खतरे को देखते हुए अफ्रीका के 6 देशों से आने वाली फ्लाइट्स पर फिलहाल रोक लगा दिया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जिंबाब्वे, लिसोथो और एसवाटिनी शामिल हैं। ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी साजिद जाविद ने बताया- देश की हेल्थ एजेंसी नए वैरिएंट की जांच कर रही है। हमें और डेटा की जरूरत है, लेकिन हम सावधानी बरत रहे हैं। इन 6 अफ्रीकी देशों को रेड लिस्ट में डाला जाएगा और ब्रिटेन आने वाले यात्रियों को क्वारैंटाइन में रहना होगा।
साउथ अफ्रीका से हॉन्गकॉन्ग पहुंचे लोगों में भी इस वैरिएंट का संक्रमण पाया गया है। नया वैरिएंट सबसे पहले रीगल एयरपोर्ट होटल में ठहरे 2 लोगों में पाया गया। हॉन्गकॉन्ग के सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन (CHP) के मुताबिक जांच से पता चला है कि दोनों मामले B.1.1.529 वैरिएंट के ही हैं। पहले शख्स ने एयर वॉल्व वाला मास्क पहना था और इस मास्क की वजह से ही दूसरे शख्स में वायरस का संक्रमण पहुंचा।
हॉन्गकॉन्ग और बोत्सवाना से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सभी एयरपोर्ट्स को निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्यों से कहा गया है कि वे दक्षिण अफ्रीका, हॉन्गकॉन्ग और बोत्सवाना से आने वाले यात्रियों की अच्छी तरह से जांच करें।राज्यों और UTs को लिखे एक लेटर में हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा- पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपल्स को तुरंत जीनोम सीक्वेंसिंग लैबोरेटरी में भेजा जाए। देश के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी इस वैरिएंट को लेकर आगाह किया है।जर्मनी ने भी साउथ अफ्रीका आने-जाने वाले नागरिकों के ट्रैवल पर बैन लगाने का फैसला किया है। जर्मनी के हेल्थ मिनिस्टर जेंस स्पॉन ने शुक्रवार को कहा- नए नियम शुक्रवार रात से लागू होंगे, अफ्रीका के आस-पास के देशों पर भी ट्रैवल बैन लगाया जा सकता है। वैक्सीन लगे होने के बावजूद जर्मनी के नागरिकों को देश पहुंचने पर 14 दिनों तक क्वारैंटाइन में रहना होगा।