छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से लौह अयस्क लेकर विशाखापट्टनम जा रही मालगाड़ी ओडिशा में डिरेल हो गई है। मामला शुक्रवार की रात का बताया जा रहा है। मालगाड़ी के 6 वैगन (डिब्बे) पटरी से उतर गए। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे और घंटों मशक्कत के बाद मार्ग बहाल कर दिया है। मालगाड़ी के डिब्बे डिरेल कैसे हुए। इसके कारणों का पता लगाने रेलवे के अफसर जुटे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे मार्ग पर ओडिशा के कोरापुट के भेजा रेलवे स्टेशन के नजदीक मालगाड़ी डिरेल हुई है। रात करीब 12:30 बजे इस हादसे की सूचना ओडिशा रेल मंडल को मिली। जिसके बाद फौरन रेलवे के कर्मचारियों को मौके के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि स्टेशन नजदीक होने की वजह से मालगाड़ी की रफ्तार धीमी थी। इसलिए कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हादसे के बाद कई तक घंटे रेलवे मार्ग बंद रहा।
मालगाड़ी डिरेल होने की वजह से इस मार्ग से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों को कुछ घंटे के लिए रद्द कर दिया गया था। ऐसे में रेलवे को भी इसका बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। साथ ही जितनी देर अन्य मालगाड़ियों को रोका गया था, उतनी देर में किरंदुल से लौह अयस्क लेकर विशाखापट्टनम के लिए कई ट्रेनें गुजरतीं। करोड़ों रुपए का लोहा किरंदुल से विशाखापट्टनम तक पहुंच जाता। माना जा रहा है कि इस हादसे के बाद NMDC को भी करोड़ों रुपए का नुकसान झेलना पड़ा है। फिलहाल मार्ग बहाल हो गया है और ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।