चीन के गुआंग्शी में सोमवार को चाइना ईस्टर्न पैसेंजर एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया था। हादसे में 132 लोगों की मौत हो गई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे से जुड़ी दो अहम जानकारियां आज सामने आई हैं। पहली ये कि हादसे के समय प्लेन आवाज की गति से उड़ रहा था और दूसरी ये कि प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, लेकिन इसकी हालत इतनी खराब है कि उससे किसी तरह का डेटा एक्सेस नहीं किया जा सकता। इन हालात में लगता है कि हादसे की वजह तक पहुंचना काफी मुश्किल हो जाएगा।
सर्चिंग के दौरान मिले ब्लैक बॉक्स रिकॉर्डर की हालत इतनी खराब है कि उससे कोई डेटा नहीं मिल पाया। एयरक्राफ्ट में दो ब्लैक बॉक्स होते हैं। एक ब्लैक बॉक्स कॉकपिट की बातचीत और बाकी आवाजों को रिकॉर्ड करता है। दूसरा बॉक्स स्पीड, डायरेक्शन, ऊंचाई और पायलट के निर्देशों को रिकॉर्ड करता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्घटना से पहले विमान आवाज की स्पीड से उड़ रहा था। क्रैश होने से पहले प्लेन की स्पीड 640 मील (966 किलोमीटर) प्रति घंटे से ज्यादा थी। बाद में यह तेजी से नीचे की ओर गिरा। दुर्घटना से जुड़ी कई बातें इसलिए भी पता नहीं चल पाईं क्योंकि प्लेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी। वॉयस रिकॉर्डर भी कुछ रिकॉर्ड नहीं कर पाया।
समुद्री सतह पर आवाज की स्पीड 761 मील प्रति घंटा होती है। हालांकि ज्यादा ऊंचाई पर तापमान कम होने से स्पीड कम हो जाती है। 35 हजार फीट की ऊंचाई पर आवाज की गति 633 मील प्रतिघंटा होती है।चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, फ्लाइट MU 5735 ने दोपहर सवा एक बजे कुनमिंग चांगशुई एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। ये फ्लाइट 3 बजे गुआंगझोऊ तक पहुंचनी थी। लेकिन, प्लेन दो मिनट से भी कम समय में 30,000 फीट नीचे गिर गया। 563 किमी/घंटे की रफ्तार से पहाड़ों से टकराकर क्रैश हुआ।उड़ान भरने के 71 मिनट बाद ये प्लेन हादसे का शिकार हो गया। लैंड करने से 43 मिनट पहले विमान का संपर्क ATC से टूट गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन में स्निफर डॉग्स और ड्रोन के साथ बचाव दल को घटनास्थल से पर्स, ID कार्ड और प्लेन का मलबा बरामद हुआ है। सर्चिंग के दौरान अधिकारियों ने किसी के भी जिंदा होने की उम्मीद नहीं जताई है।