सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) की ओर से जारी बेरोजगारी के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मार्च में छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर अब तक के सबसे न्यूनतम स्तर 0.6% पर पहुंच गई। यह देश भर में सबसे कम बेरोजगारी दर है। इसका मतलब है कि प्रदेश में काम करने की उम्र वाले 100 लोगों में से 99.4 लोगों के पास कोई न कोई रोजगार मौजूद है, जबकि मार्च में ही देश में बेरोजगारी दर 7.5% रही।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले थिंक टैंक CMIE ने मार्च की मासिक रिपोर्ट 2 अप्रैल को जारी की है। इसके मुताबिक देश में बेरोजगारी दर 7.5% रही है। नया सूचकांक बताता है कि गांवों की अपेक्षा शहरों में बेरोजगारी अधिक है। मार्च महीने में देश की शहरी बेरोजगारी दर 8.5% रही वहीं ग्रामीण बेरोजगारी दर 7.1% आंकी गई। नए आंकड़ों ने छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर को 0.6% बताया है।
सबसे अधिक बेरोजगारी हरियाणा में 26.7% है। राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में 25-25%, झारखंड में 14.5 %, बिहार में 14.4%, त्रिपुरा में 14.1% और हिमाचल प्रदेश में 12.1 % बेरोजगारी दर बताई जा रही है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने मार्च के दूसरे सप्ताह में बेरोजगारी के जो अपडेट आंकड़े जारी किए थे, उसमें छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 1.7% बताया था। यानी प्रदेश के प्रत्येक 100 लोगों में से बमुश्किल दो लोग ही बेरोजगार थे। मार्च माह के अंतिम आंकड़ों में यह दर और भी गिर गई है।ताजा आंकड़ों से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खासे उत्साहित हैं। सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, अब छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर सबसे कम है। 0.6%बेरोजगारी दर के साथ छत्तीसगढ़ देश में सबसे कम बेरोजगारी दल वाला राज्य बन गया है। वहीं राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 7.6% है। हमारे हर प्रयास में हमारी जनता भागीदार है, सबको बधाई।