आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार से सेंट्रल बैंक के बीच ठन गई है। सेंट्रल बैंक गवर्नर का कहना है कि अगर सरकार हमारे काम में दखल न दे हालात में सुधार हो सकता है। आर्थिक संकट से जूझ रही श्रीलंका के खजाने में मात्र 5 हजार करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा है। आम जरूरत की चीजों की बेहद कमी है।
दूसरी तरफ लोग में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ गुस्सा कम नहीं हो रहा है। बारिश के बीच भी सड़कों पर प्रदर्शन जारी है। इस बीच श्रीलंका के वित्त मंत्री अली साबरी ने कहा कि उनके देश को लगभग 22 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है, जिससे कि इस स्थिति से निकला जा सकेगा।
श्रीलंका में बेलगाम महंगाई की वजह से समाचार पत्रों की प्रिंटिंग पर भी असर पड़ रहा है। खर्च बचाने के लिए बहुत से अखबारों में अपने पन्नों में कटौती की है। इसके अलावा कुछ अखबारों ने रविवार के स्पेशल एडिशन के लिए शनिवार की प्रिंटिंग रोक दी।शनिवार को भी श्रीलंका में प्रदर्शन का दौर जारी रहा। सेना और पुलिस ने प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के निवास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है। कोलंबो स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने जमा हुए प्रर्दशनकारियों का कहना था कि अमेरिका, श्रीलंकाई प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की अमेरिका में संपत्ति को फ्रीज करे।श्रीलंका में जरूरी दवाओं के दाम फिर से बढ़ गए है। सरकार ने सभी दवाओं पर 20% की बढ़ोतरी की है। ड्रग्स कंट्रोलर ने कहा कि जिन दवाओं पर पहले दाम बढ़ाए गए थे, उन पर यह लागू नहीं होगा। यह फैसला दवाओं की कमी की वजह से किया गया है।