दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से ED कार्यालय की ओर प्रदर्शन करने जा रहे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पुलिस ने रोक लिया। मुख्यमंत्री सड़क पर बैठकर धरना देने लगे तो उन्हें वहां से उठाकर वापस भेज दिया गया। वहीं से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधायक शैलेश पाण्डेय, युवा कांग्रेस के सुबोध हरितवाल, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के चौलेश्वर चंद्राकर आदि को गिरफ्तार कर बसंत कुंज थाने में बिठा दिया गया है। मंत्री अमरजीत भगत को नरेला थाने ले जाया गया है।
धरने के दौरान मीडिया से बातचीत में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा भाजपा छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना से देश के युवा गुस्से में हैं। ये योजना देश के हित में नहीं है, इसे वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा, भाजपा चार साल बाद सेवानिवृत्त युवाओं को अपने कार्यालय में चौकीदार के रूप में रखना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा आरक्षण खत्म करने की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, राहुल गांधी को परेशान किया जा रहा है। वो किसानों, नौजवानों, महंगाई, बेरोज़गारी और केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार की बात करते हैं, इसलिए उनसे पांच दिन से पूछताछ हो रही है। उनका साथ देने वाले कार्यकर्ताओं की पीठ पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार सुबह 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अग्निपथ योजना एवं ED की कार्रवाई को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की। तय हुआ कि सभी नेता-कार्यकर्ता आज भी ED कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध जताएं।कांग्रेस ने देश भर के अपने सभी सांसदों-विधायकों को दिल्ली बुलाया है। सुबह मंत्री अमरजीत भगत, बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय सहित दर्जन भर विधायक वहां पहुंच गए हैं। कुछ लोग दोपहर की उड़ान से रवाना हुए हैं। दूर-दराज के विधायक भी शाम तक रायपुर पहुंचकर दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे, ऐसी सूचना है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 71 विधायक हैं।