महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे जल्द अपना कैबिनेट विस्तार कर सकते हैं। इसको लेकर मुंबई से लेकर दिल्ली तक सियासी चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट में करीब 45 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें 25 भाजपा कोटे से, 13 शिंदे कोटे से और 7 निर्दलीय विधायकों को शामिल किया जा सकता है।
सूत्रों की मानें तो कैबिनेट विस्तार से पहले संख्या के साथ-साथ विभाग पर भी मंथन जारी है। भाजपा गृह, वित्त और राजस्व जैसे बड़े विभाग अपने पास रख सकती है, जबकि शहरी विकास और पथ निर्माण विभाग शिवसेना के शिंदे गुट को दिया जा सकता है।
विभागों का बंटवारा महाविकास अघाड़ी फॉर्मूले पर संभव है, जिसमें उद्धव की सरकार में एनसीपी-कांग्रेस ने हैवी विभाग अपने पास रखे थे।मंत्रियों की संख्या को लेकर दोनों कैंप में लगभग सहमति बन गई है। भाजपा में हर 4 विधायक में से एक को मंत्री बनाया जाएगा, जबकि शिंदे गुट में हर 3 विधायक पर एक मंत्री बनेगा। प्रहार पार्टी से भी एक मंत्री बनाया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में 11 जुलाई को शिवसेना के 16 बागी विधायकों की सदस्यता पर सुनवाई होनी है। अगर, सुप्रीम कोर्ट का फैसला बागी विधायकों के पक्ष में आया तो कैबिनेट विस्तार 11 के बाद कभी भी हो सकता है। फैसला पक्ष में नहीं आने की स्थिति में विस्तार का मामला टल सकता है।भाजपा कैबिनेट में नए चेहरे को मौका दे सकती है। साथ ही शिंदे के सामने अपने विधायकों को एडजस्ट करने की चुनौती है। शिंदे कैंप में 40 बागी विधायक हैं। ऐसे में 26 विधायकों को साथ रखना आसान नहीं है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि इन विधायकों को निगम-बोर्ड में एडजस्ट करने की तैयारी है।10 दिन की सियासी उठापटक के बाद 30 जून को एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शिंदे के साथ भाजपा के देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने थे। 29 जून को विश्वासमत के निर्देश मिलने के बाद उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। फ्लोर टेस्ट में भी शिंदे ने बहुमत साबित कर ली थी।