अडाणी ग्रुप अपनी सब्सिडियरी कंपनी अडाणी डेटा नेटवर्क्स के माध्यम से 5जी नीलामी में भाग लेगा। ये अडाणी एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है। डेटा नेटवर्क्स की नेट वर्थ 248.35 करोड़ रुपए है जबकि अडाणी एंटरप्राइजेज की नेट वर्थ 4730.66 करोड़ रुपए।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने अडानी डेटा नेटवर्क्स को गुजरात सर्किल में ILD (नेशनल एरिया), NLD (नेशनल एरिया) और ISP-B ऑथराइजेशन के साथ यूनिफाइड लाइसेंस के लिए लेटर ऑफ इंटेट जारी किया है।
नीलामी के नियमों के मुताबिक बोली लगाने वाली कंपनियों को अपने मालिकाना हक के बारे में जानकारी देनी पड़ती है। 31 मार्च 2022 तक वोडाफोन आइडिया की नेटवर्थ निगेटिव में 80,918 करोड़ रु. थी। पेड अप कैपिटल 32,119 करोड़ रु. था। भारती एयरटेल की नेट वर्थ 75,886.8 करोड़ रु. और पेड अप कैपिटल 2,795 करोड़ रु. था। रिलायंस जियो इन्फोकॉम की नेट वर्थ 1,97,790 करोड़ रु. और पेड अप कैपिटल 1,54,125 करोड़ रु. था।जेफरीज फाइनेंशियल ग्रुप इंक के एनालिस्टों के अनुसार, गौतम अडाणी का 5G एयरवेव्स के लिए बोली लगाने का प्लान टेलीकम्यूनिकेशन सेक्टर में बड़ा दाव लगाने की तैयारी का हिस्सा है। मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को भी 2013 में फुल कनेक्टिविटी सर्विसेज ऑफर करने के लिए यूनिफाइड टेलीकॉम लाइनेंस लेना पड़ा था। आज रिलायंय जियो देश का सबसे बड़ा वायरलेस ऑपरेटर है।अडाणी ग्रुप ने शनिवार को बताया था कि 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी में अडाणी ग्रुप भी शामिल होगा। हालांकि ग्रुप ने ये साफ किया था कि उसका प्लान कंज्यूमर मोबिलिटी स्पेस में एंटर करने का नहीं है, वो प्राइवेट नेटवर्क सॉल्यूशन स्थापित करना चाहता है।
बयान में कहा गया था, ‘हम एयरपोर्ट, पोर्ट और लॉजिस्टिक, पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और वेरियस मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन में एनहेंस्ड साइबर सिक्योरिटी के साथ-साथ प्राइवेट नेटवर्क सॉल्यूशन देने के लिए 5 जी स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग ले रहे हैं।’ ग्रुप ने कहा, ‘हमें सुपर ऐप, एज डेटा सेंटर और इंडस्ट्री कमांड और डेटा सेंटर्स जैसे अपने खुद के डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए अल्ट्रा हाई क्वालिटी डेटा स्ट्रीमिंग कैपेसिटी की जरूरत है।’