राज्य में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन अभी भी सब्जी मंडी से लेकर रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर धड़ल्ले से इसका उपयोग हो रहा है। अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर सख्ती करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने जांच एवं कार्रवाई के दायरे में अब एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन को भी शामिल कर लिया है। इसके तहत अब एयर पोर्ट एवं रेलवे स्टेशनों पर भी सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी चीजों के उपयोग की मॉनिटरिंग एवं जांच की जाएगी। साथ ही कार्रवाई भी की जाएगी।
केंद्र के आदेश के बाद छत्तीसगढ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने नगरीय प्रशासन विभाग को इसे अमल में लाने के लिए कहा है। दरअसल, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और कार्रवाई से बाजार से पॉलीथीन का उपयोग तो बंद हुआ लेकिन प्लास्टिक के चम्मच, प्लेट, थर्मोकोल बिकते रहे। इन वस्तुओं का सर्वाधिक उपयोग रेलवे स्टेशन और एयर पोर्ट जैसे स्थानों पर होता है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने अब यहां पर सख्ती करने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।प्रदेश में पॉलीथिन पर 2017 से रोक लगी हुई है। छत्तीसगढ़ में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन पर राज्य शासन ने सभी एजेंसियों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि प्रतिबंध के बावजूद हर महीने औसतन 500 टन से ज्यादा (डिस्पोजल, पॉलीथिन और अन्य सिंगल यूज उत्पाद) कचरा निकल रहा है।