छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवादियों ने PLGA की 22वीं वर्षगांठ पर 27 पन्नों का एक बुकलेट जारी किया है। माओवादियों ने इस बुकलेट कर माध्यम से कबूल किया है कि, साल 2021-22 में देश भर में कुल 132 माओवादी मारे गए हैं। इनमें CG के दंडकारण्य यानी दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में कुल 89 लाल लड़ाकों की मौत हुई है। यह पिछले कुछ साल का सबसे बड़ा आंकड़ा भी है।
दरसअल, माओवादियों की केंद्रीय कमेटी की तरफ से जारी किए गए बुकलेट में लिखा है कि, बस्तर में हुई अलग-अलग मुठभेड़ों, बीमारी से हमने अपने 89 साथियों को खोया है। इसके अलावा पुलिस की मुखबिरी करने वाले गद्दारों को भी मौत की सजा देने की बात कही है। माओवादियों ने कहा है कि, जो नक्सल साथी मारे गए हैं उनमें DKSZC ( दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी), DVCM ( डिवीजनल कमेटी मेंबर), ACM ( एरिया कमेटी मेंबर) समेत अन्य कैडर्स के माओवादी भी शामिल हैं।इन कैडर्स में 5 लाख से लेकर 25 लाख तक कर इनामी माओवादी भी शामिल हैं। माओवादियों की सेंट्रल कमेटी ने कहा कि, पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने फर्जी पुलिस नक्सली मुठभेड़ कर निर्दोष ग्रामीणों को भी मारा है। पुलिस और सरकार पर ग्रामीणों के साथ अत्याचार करने का भी आरोप लगाया है। दरसअल, बस्तर में माओवादी दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में PLGA ( पीपल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी) मनाएंगे। हर साल माओवादी अपने इस विशेष सप्ताह से पहले बुकलेट जारी करते हैं।