भानुप्रतापपुर उपचुनाव में कांग्रेस का प्रचार करने उतरे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को दुर्गुकोंदल और चारामा की सभाओं में आरक्षण का अनुपात घोषित कर दिया। उन्होंने कहा, कल आदिवासी समाज का 32%, अनुसूचित जाति को 13%, अन्य पिछड़ा वर्गों को 27% और अपर क्लास के गरीबों को 4% आरक्षण देने का कानून विधानसभा में पारित होगा। दैनिक भास्कर ने 24 नवम्बर को सबसे पहले यह बताया था कि सरकार ने आरक्षण का यह नया कोटा तय किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्गुकोंदल में कहा, ये लोग (भाजपा) कभी नहीं चाहते थे कि आरक्षण मिले। 2004 से इनकी सरकार थी लेकिन 32% आरक्षण 2012 में लागू हुआ। आठ साल ये लोग क्यों लागू नहीं किए। हम लोग तो आरक्षण देते रहे हैं। उन्हीं लोगों की करनी है। उल्टा-सीधा करने से कोर्ट में खड़े नहीं हुए। उसकी वजह से वह निरस्त हो गया। आज हम लोग उसका कानून बनाने का काम कर रहे हैं। एक्ट लागू करने वाले हैं।शुक्रवार को वह विधानसभा में पेश होगा, उसी दिन पारित हो जाएगा। इस पर गांव-गांव में पटाखा फोड़ना है। मिठाई बांटना है। मुख्यमंत्री ने कहा, न केवल आदिवासी समाज का 32% आरक्षण किया गया है, अन्य पिछड़ा वर्गों को भी 27% आरक्षण देंगे। रमन सिंह OBC में 14% से कभी आगे नहीं बढ़ पाए। हमारी सरकार उनके लिए 27% आरक्षण लागू करने जा रही है। अनुसूचित जाति को 13% और अपर क्लास के गरीबों को भी 4% आरक्षण मिलेगा।