गुजरात में भाजपा ने 52 फीसदी वोट और 156 सीट हासिल करके इतिहास रच दिया। राज्य में अब तक के चुनावों में इतना जबरदस्त बहुमत किसी भी दल को नहीं मिला। इससे पहले कांग्रेस ने 1985 में माधव सिंह सोलंकी की अगुआई में 149 विधानसभा सीटें जीती थीं। वहीं, 2002 में नरेंद्र मोदी के CM रहते भाजपा को 127 सीटें मिली थीं। भाजपा ने दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इसके साथ ही लगातार एक दल की सातवीं जीत के रिकॉर्ड को भी छू लिया है। पहले यह कारनामा बंगाल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी कर चुकी है। वह 1977 से 2011 तक सत्ता में रही और सात विधानसभा चुनाव जीती।
भाजपा की इस जीत के पीछे हिंदुत्व, विकास का पैकेज और बाहरी बनाम भीतरी का मुद्दा भारी पड़ा। केजरीवाल ने दिल्ली मॉडल की तरह जनता से मुफ्त योजनाओं का वादा किया। लेकिन भाजपा ने इसे गुजरात के स्वाभिमान से जोड़ दिया और जनता से नकारने की अपील की, जो कामयाब रही।