चुनावी साल में छत्तीसगढ़ में धान पर घमासान मच गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दो दिन पहले धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आंकड़े जारी कर भाजपा पर हमला किया था। उनका कहना था, यूपीए सरकार ने 10 साल में MSP में 134% की बढ़ोतरी की। वहीं भाजपा शासन के 8-9 सालों में यह केवल 55% बढ़ पाया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने अब दावा किया है कि पिछले आठ सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने धान किसानों को 14.25 लाख करोड़ रुपए दिये हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन दावों को झूठा बताया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा, कांग्रेस डर गई है। सच को छुपा रही है। इसलिए अब हम यह आंकड़े जारी कर रहे हैं। यूपीए शासन में 2009 से 2014 तक एमएसपी की कुल खरीद पर केवल 4.50 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। वहीं मोदी सरकार में 2014 से 2022 तक 14.25 लाख करोड़ का भुगतान हुआ। धान खरीदी पर यूपीए शासन में 09 से 14 तक केवल लगभग 3 लाख करोड़ का भुगतान हुआ जबकि मोदी सरकार में लगभग 9 लाख करोड़ का भुगतान हुआ। एमएसपी पर खरीद का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2018 में 1.71 करोड़, 2019 में 2.04 करोड़, 2020 में 2.10 करोड़। अरुण साव ने कहा, कांग्रेस सरकार को किसानों से छल के लिए माफी मांगना चाहिए।
इन आंकड़ों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को कहा, भाजपा को झूठ बाेलने की बहुत आदत है। ये ऐसे ही झूठ बाेलते हैं जो सीधा पकड़ा जाता है। उन्होंने जो आंकड़ा दिया है वह 2008 से 2013 तक का है। जबकि 2004 में केंद्र में हमारी सरकार आ गई थी। अपना जो है वह 2014 से लेकर 2022 तक का दिया है। पांच साल तो आप वैसे ही घटा दिये हमारा। दूसरी बात यह है कि परसेंटेज मे निकालो न कितना बढ़ाया? हमने 134% बढ़ाया है धान का समर्थन मूल्य और वे 55% बढ़ाए हैं। इससे इत्तफाक रखते हैं तो बताएं, अगर इसका विरोध करते हैं तो बताएं। इसको ऐसे समझिए कि 500 में 50 रुपया बढ़ाया तो 10% होता है। लेेकिन यही 1500 में 50 रुपया बढ़ा तो कितना होगा। यह परसेंटेज की बात है। वे आंकड़ों का भ्रमजाल न फैलाएं। उस समय जब मनमोहन सिंह जी समर्थन मूल्य इतना बढ़ाए तो डॉलर की कीमत कितनी थी, 40 रुपया! और आज कितना है…80 पार? इसका अंतर पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा। लोगों को गुमराह मत करें भाई। अरुण साव पढ़े-लिखे वकील हैं, कोर्ट में इस प्रकार दलील देंगे तो उसकी वकालत नहीं चलेगी।