छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध को देखते हुए यहां नार्को टेस्ट की सुविधा शुरू की गई है। अब पुलिस को इसके लिए दूसरे राज्यों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बड़े अपराधों को सॉल्व करने के लिए आरोपियों का नार्को टेस्ट कराना पड़ता था, जिसके लिए छत्तीसगढ़ में सुविधा नहीं थी।
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि दूसरे राज्यों में जाकर टेस्ट कराने के कारण जांच में देरी होती थी, लेकिन अब नार्को टेस्ट में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। गृह विभाग और रायपुर एम्स के साथ मिलकर इसके लिए जरूरी मशीनें भी मंगा ली गई हैं।इसके अलावा गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार नई तकनीकों का प्रयोग कर रही है। बढ़ते हुए साइबर अपराधों को कंट्रोल करने के लिए सभी पांच रेंज मुख्यालयों में साइबर थानों की स्थापना की जा रही है। जल्द अपराधों पर लगाम लगे, इसके लिए दुर्ग में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री और कॉलेज की स्थापना की जाएगी।