पंजाब में प्रकृति का कहर बरपा है। नदियों के रौद्र रूप ने राज्य के हज़ारों गाँवों को पानी में डुबो दिया है। चारों ओर पानी ही पानी है और लोगों के घर, खेत, सब कुछ इस बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं। यह आपदा अब तक 43 जिंदगियां लील चुकी है और लाखों लोगों को बेघर कर दिया है।
किसानों के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं है। उनकी मेहनत से लहलहाती 1.71 लाख हेक्टेयर फसलें पानी में डूब गईं, जिससे उनकी कमर टूट गई है। गुरदासपुर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे जिलों में स्थिति बहुत गंभीर है।
मुश्किल की इस घड़ी में, भारतीय सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ देवदूत बनकर सामने आए हैं। वे दिन-रात लोगों को बचाने में जुटे हैं। सरकार भी हरसंभव मदद पहुँचाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से सहायता मांगी है और प्रधानमंत्री ने भी हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया है। यह समय एकजुट होकर इस आपदा का सामना करने का है।