मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में मान्यता है कि ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ यानी दूसरों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और संबल योजना दूसरों की सेवा करने की इसी भावना को चरितार्थ करने का मार्ग है। राज्य सरकार की इस पहल का ही परिणाम है कि संबल योजना सच्चे अर्थों में श्रमिक भाई-बहनों का सहारा बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से संबल योजना के 7 हजार 953 हितग्राहियों के खातों में 175 करोड़ रुपये अंतरित कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि यह राशि श्रमिक भाई-बहनों के लिए बड़ी मदद साबित होगी। प्रदेश में 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकृत हैं। पंजीयन की प्रक्रिया लगातार जारी है। इस अवसर पर पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद पटेल उपस्थित थे। कार्यक्रम से सभी जिले वर्चुअली रूप से जुड़े।