अमेरिका में कोरोना का कहर

अमेरिका में कोरोना महामारी एक बार तेजी से लोगों को संक्रमित कर रही है। देश में कई जगह अस्पतालों में इमरजेंसी हालात हैं। टेक्सास राज्य की राजधानी ऑस्टिन में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। यहां ICU में सिर्फ छह बेड खाली हैं। जबकि इस शहर की आबादी 24 लाख है। राज्य के स्वास्थ्य डेटा के मुताबिक अस्पतालों में 313 वेंटिलेटर हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य चिकित्सा निदेशक डेसमर वाक्स के दफ्तर से शहर के नागरिकों को ‘तबाही की चेतावनी’ देने वाले ईमेल और फोन कॉल किए गए हैं।

वाक्स कहते हैं, ‘हमने लोगों को महामारी के कारण उपजे हालात की सूचना भेजी है। हमारे अस्पताल गंभीर रूप से तनावग्रस्त हैं। हम उनका बोझ कम करने के लिए लोगों के साथ मिलकर उसे कम कर सकते हैं।’

डेल्टा संस्करण के कारण शहर में पिछले एक माह में नए मरीजों की अस्पताल में भर्ती होने की दर औसत 600% से अधिक बढ़ी है। जबकि ICU में मरीज 570% बढ़े।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 4 जुलाई को वेंटिलेटर पर सिर्फ आठ मरीज थे, जो एक ही दिन में बढ़कर 102 हो गए। आने वाले दिनों में ऑस्टिन में आने वाले मामलों में 10 गुना तक वृद्धि और हो सकती है। पूरे टेक्सास राज्य में कुल 439 ICU बेड और 6,991 वेंटिलेटर हैं। अमेरिकी संक्रमक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची के अनुसार देश के 40% केस टेक्सास और फ्लोरिडा से आ रहे हैं।

अरकंसास राज्य में लोगों ने कोरोना टीकाकरण का व्यापक प्रतिरोध किया। इस वजह से यहां के गांवों में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। यहां के गांवों में बड़ी संख्या में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक रहते हैं। अरकंसास में अधिकांश घर ऐसे हैं जिनमें लोगों ने किसी अपने को खोया है। लेकिन यहां की ब्रेडली काउंटी देशभर में टीकाकरण के लिए मिसाल बन गई है।

दस हजार की आबादी वाली इस काउंटी में आधे लोगों का टीकाकरण हो चुका है। दरअसल, पिछले साल अप्रैल 2020 में यहां एक रिटायर्ड स्कूली शिक्षक की वायरस से मौत हो गई थी। राज्य के प्रतिनिधि जेफ वार्डलॉ के अनुसार वेंटिलेटर पर पहुंचने तक अधिकांश लोग जागरूक नहीं होते, लेकिन इस मौत के साथ ही ब्रैडली के लोग जाग गए।

ब्रेडली काउंटी मेडिकल सेंटर की डॉक्टर मिशेल वीवर बताती हैं कि यहां डॉक्टरों की संख्या सीमित है, लेकिन डॉक्टर, हेल्थवर्कर लोगों को जागरूक करने के लिए उनसे मिलते रहे। डॉक्टर्स ने एक-दूसरे से SMS के जरिए तालमेल बनाए रखा। सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया। हमारा फोकस युवाओं पर था, क्योंकि वे बाहर अधिक आते-जाते हैं। वैक्सीन आते ही शिविर लगाकर इन्हें टीका लगाने की मुहिम शुरू की गई। यहां लकड़ी कारखाने में काम वाले बड़ी तादाद में हैं, इसलिए मेडिकल स्टोर्स पर टीकाकरण किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *